गुलाम कश्मीर में विद्रोह से बौखलाया पाकिस्तान, ध्यान भटकाने को अमरनाथ यात्रा 2026 को निशाना बनाने की फिराक में ISI
पाकिस्तान अपनी अंदरूनी समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए 2026 की अमरनाथ यात्रा पर बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा है।

अमरनाथ यात्रा-2026 पर मंडरा रहा आतंकी हमले का साया, ISI रच रही बड़ी साजिश। फोटो एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
पाकिस्तान 2026 अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की फिराक में।
ISI बलूचिस्तान-गुलाम कश्मीर विद्रोह से ध्यान भटकाना चाहती है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, यात्रा मार्ग पर अभूतपूर्व इंतजाम।
नवीन नवाज, श्रीनगर। गुलाम जम्मू-कश्मीर में चल रहे जनविद्रोह से बौखलाई पाकिस्तान सरकार और उसकी खुफिया एजेंसी ISI श्री अमरेश्वर धाम की वार्षिक तीर्थयात्रा-2026 के दौरान जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमले की फिराक में है।
खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के भीतर बिगड़ते हालात और बलोचिस्तान-गुलाम जम्मू कश्मीर में विस्फोटक स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए ISI कश्मीर में सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने का दबाव आतंकी संगठनों पर बना रही है।
1989 से आतंकियों के निशाने पर है यात्रा
श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा की वार्षिक यात्रा इस साल 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी। 1989 से ही यह यात्रा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों के निशाने पर रही है। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
केंद्रीय अर्धसैन्यबलों की 670 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। यात्रा मार्ग पर AI-सक्षम कैमरे और डिजिटल स्कैनिंग सिस्टम लगाए गए हैं।
गृहसचिव की बैठक में उठा सुरक्षा का मुद्दा
संबंधित अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में श्रीनगर में केंद्रीय गृहसचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में अमरनाथ यात्रा के दौरान संभावित आतंकी हमले पर विशेष चर्चा हुई।
खुफिया एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान के भीतर हालात काबू से बाहर हैं। बलोचिस्तान और गुलाम जम्मू कश्मीर में बढ़ते असंतोष के चलते पाकिस्तान सरकार ‘कश्मीर जिहाद’ की पुरानी रणनीति को फिर से हवा देने की कोशिश में है।
ISI ने आतंकी कमांडरों को दिए निर्देश
खुफिया सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना और ISI ने गुलाम जम्मू कश्मीर और पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के सरगनाओं को कश्मीर में गतिविधियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और ग्राउंड नेटवर्क से पता चला है कि सीमा पार बैठे हैंडलर कश्मीर में बचे अपने कैडर से लगातार संपर्क में हैं। ISI अमरनाथ यात्रा के दौरान ‘बड़ा और सनसनीखेज’ हमला कराने के लिए दबाव बना रही है।
एजेंसियों के मुताबिक, अफगानिस्तान में पिछले सप्ताह किए हमलों से पाकिस्तान को फायदा नहीं मिला। लेकिन वह मानता है कि ‘कश्मीर जिहाद’ के नाम पर पाकिस्तानी जनता को आसानी से बरगलाया जा सकता है।
पाकिस्तान जब भी फंसता है, भारत पर करता है हमला
जम्मू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. दुष्यंत राय ने कहा, 'अतीत का अनुभव है कि जब भी पाकिस्तान के भीतर हालात खराब हुए हैं, वहां के शासकों ने भारत पर हमला किया है या बड़ा आतंकी हमला कराया है।'
"गुलाम जम्मू कश्मीर के हालात से पाकिस्तान पूरी दुनिया में बेनकाब हो गया है। वहां की जनता का ध्यान बंटाने और दुनिया का ध्यान हटाने के लिए वह कश्मीर में आतंकी गतिविधियां बढ़ाएगा। अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाकर वह देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाना चाहता है।"
सुरक्षा चक्र अभेद्य, हर संदिग्ध पर नजर
कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक वीके बिरदी ने कहा कि सिर्फ कश्मीर घाटी ही नहीं, पूरे जम्मू प्रांत में यात्रा को सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
'सेना, CRPF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी सक्रियता से काम कर रही हैं। किसी भी आतंकी खतरे को खत्म करने के लिए लगातार तलाशी अभियान चल रहे हैं। सभी संदिग्ध तत्वों की निगरानी की जा रही है।' उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के साथ पुलिस ने आतंकवाद विरोधी नेटवर्क को और मजबूत किया है।
