'मोदी के भारत में कश्मीरियों से भेदभाव बर्दाश्त नहीं...', श्रीनगर जा रही बस पर कथित हमले पर भड़के अल्ताफ ठाकुर
भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने हरियाणा में श्रीनगर जा रही बस पर कथित हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ...और पढ़ें
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मोदी के भारत में कश्मीरियों से भेदभाव बर्दाश्त नहीं: अल्ताफ ठाकुर
HighLights
अल्ताफ ठाकुर ने हरियाणा में कश्मीरी बस पर हमले की निंदा की।
कश्मीरी पहचान पर निशाना बनाना अस्वीकार्य, सुरक्षा की मांग की।
पुलिस ने पार्किंग विवाद बताया, दो आरोपी गिरफ्तार हुए।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। हरियाणा में श्रीनगर जा रही बस पर कथित हमले की कड़ी निंदा करते हुए बीजेपी के जम्मू-कश्मीर के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी कश्मीरी पहचान के आधार पर निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
हालांकि, हरियाणा पुलिस ने इस मामले को लेकर बताया कि पार्किंग को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था, जिसका बाद यह घटनाक्रम हुआ। हालांकि, दोनों पक्षों में रात में ही समझौता हो गया था। वहीं, होटल मालिक के शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
अल्ताफ ठाकुर ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत में ऐसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं। कश्मीरियों को भी देश के दूसरे नागरिकों की तरह सम्मान, सुरक्षा और मेहमाननवाजी मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को कश्मीर से होने के कारण प्रताड़ित करना, उस पर हमला करना या उसे अपमानित करना गलत है।
निष्पक्ष जांच कराने की मांग की
ठाकुर के मुताबिक, कश्मीरी देश का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्हें देश के किसी भी राज्य में बिना डर और भेदभाव के आने-जाने, काम करने और अपनी आजीविका कमाने का पूरा अधिकार है।
भाजपा प्रवक्ता ने हरियाणा में कथित हमले की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के मुताबिक सजा दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा और डराने-धमकाने को सही नहीं ठहराया जा सकता। हर भारतीय को, चाहे वह किसी भी क्षेत्र, भाषा या पहचान से जुड़ा हो, सुरक्षा और समान व्यवहार पाने का अधिकार है।
ठाकुर ने हरियाणा प्रशासन से वहां रहने वाले कश्मीरियों, व्यापारियों, कामगारों और ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं राष्ट्रीय एकता और आपसी विश्वास को कमजोर करती हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि देश को एक राष्ट्र और एक जनसमूह के रूप में देखना है, तो यह भावना व्यवहार में भी दिखनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर से बाहर रहने वाले कश्मीरियों को भी वैसा ही सम्मान और अपनापन मिलना चाहिए, जैसा देश के अन्य हिस्सों के लोगों को यहां मिलता है।
