कश्मीर के युवाओं को बड़ा तोहफा, एम्स अवंतीपोरा में जल्द शुरू होंगी 100 MBBS सीटें; सकीना इट्टू ने दी जानकारी
एम्स अवंतीपोरा में जल्द ही 100 एमबीबीएस सीटें शुरू होंगी, जिससे जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा ...और पढ़ें

सकीना इट्टू ने बांग्लादेश में मृत छात्र का शव वापस लाने का मुद्दा भी उठाया। (फाइल फोटो)
HighLights
सकीना इट्टू ने जेपी नड्डा के दौरे के बाद दी जानकारी।
एम्स अवंतीपोरा में 100 एमबीबीएस सीटें जल्द होंगी उपलब्ध।
जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा में बन रहा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जल्द ही मेडिकल शिक्षा के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है। यहां जल्द 100 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध होने की उम्मीद है। जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने वीरवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संस्थान के दौरे के दौरान जल्द 100 एमबीबीएस सीटें शुरू करने के संकेत दिए हैं। इससे प्रदेश के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ पुलवामा जिले में स्थित एम्स अवंतीपोरा का दौरा किया। इस दौरान नड्डा ने संस्थान में चल रहे कार्यों और इसकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि संस्थान जल्द पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा।
एम्स के जल्द संचालन के लिए सरकार गंभीर
इट्टू ने यह भी बताया कि एम्स को जल्द चालू करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पिछले दो वर्षों में कई बार संस्थान का दौरा कर चुके हैं, जबकि उन्होंने खुद भी इसकी प्रगति की समीक्षा की है। सरकार का प्रयास है कि जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर संस्थान को जल्द मरीजों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराया जाए।
इलाज के लिए बाहर जाने की मजबूरी होगी कम
एम्स अवंतीपोरा के पूरी तरह शुरू होने से जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है। खासकर दक्षिण कश्मीर के मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। अभी गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए कई मरीजों को प्रदेश से बाहर जाना पड़ता है। संस्थान के संचालन से ऐसी मजबूरी कम हो सकती है। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा और उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा।
एम्स के दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने सोपोर के एमबीबीएस छात्र अदनान अहमद राथर के पार्थिव शरीर को बांग्लादेश से वापस लाने का मुद्दा भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा। अदनान वहां मेडिकल की अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे और उनकी मौत हो गई थी।
सोपोर के मृत एमबीबीएस छात्र का मामला भी उठाया
इट्टू ने बताया कि उन्होंने छात्र से जुड़े दस्तावेज और संपर्क विवरण जेपी नड्डा को सौंपते हुए संबंधित मंत्रालय के साथ मामला उठाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि छात्र का परिवार गहरे सदमे में है और उसकी मां की हालत भी बेहद दुखद है। ऐसे कठिन समय में परिवार चाहता है कि बेटे का पार्थिव शरीर जल्द घर पहुंचे।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, जेपी नड्डा ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह संबंधित मंत्रालय से बात करेंगे और छात्र के पार्थिव शरीर को परिवार तक पहुंचाने में हरसंभव सहायता करेंगे।
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