जम्मू-कश्मीर: NC में बगावत के बीच नाराज आगा सैयद ने छोड़ी पार्टी, उमर अब्दुल्ला की बढ़ी मुश्किलें
जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस को बड़ा झटका लगा है, श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी छोड़ने और ...और पढ़ें

आगा रुहुल्लाह ने छोड़ी नेशनल कॉन्फ्रेंस। (जागरण/साहिल मीर)
HighLights
आगा रुहुल्लाह मेहदी ने नेकां छोड़ी, सांसद पद से इस्तीफा।
उमर अब्दुल्ला पर साधा निशाना, कुर्सी को दुख का कारण बताया।
बडगाम में पिता की पुण्यतिथि पर समर्थकों के बीच घोषणा।
डिजिटल डेस्क, जम्मू। जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस को बड़ा झटका लगा है। श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी छोड़ने और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का एलान किया है। उन्होंने बडगाम में पिता आगा सैयद मेहदी की पुण्यतिथि पर आयोजित जनसभा में यह घोषणा की। इस दौरान बेहिश्त-ए-ज़हरा पार्क में समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई है।
आगा रुहुल्ला ने जनता को इस्तीफा दिखाते हुए एलान किया कि मैं इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने अपने इस्तीफे को आजादीनामा का नाम दिया। उन्होंने मोहम्मद अशरफ मट्टू के जरिए पार्टी को इस्तीफा दिया।

जनसभा में मौजूद लोग
CM उमर अब्दुल्ला पर खूब बरसे रुहुल्लाह
इससे पहले आगा रुहुल्लाह मेहदी CM उमर अब्दुल्ला पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि जिस कुर्सी पर उमर बैठे हैं, वह सबके लिए दुख का कारण बन गई है। उन्होंने आगे कहा कि उमर अब्दुल्ला को अपनी सत्ता और पद बचाए रखने के लिए अपनी टोपी और सम्मान दूसरों के कदमों में रखने की जरूरत नहीं थी।

नेकां नेतृत्व पर जनादेश से विश्वासघात का आरोप
रुहुल्लाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व पर जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात करने और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेद व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सिद्धांतों और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 की बहाली, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, आरक्षण नीति और जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अहम मुद्दों पर पार्टी ने जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने में वह नाकाम रही है। इन मुद्दों पर समझौता करना उनके लिए संभव नहीं है, क्योंकि इन्हीं आश्वासनों के आधार पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जनता से समर्थन मांगा था।
दूसरी पार्टी में जाने के बजाय नया राजनीतिक मंच बनाने की तैयारी
रुहुल्लाह ने स्पष्ट किया कि उनका फैसला पार्टी में किसी पद से वंचित रहने या किसी व्यक्तिगत नाराजगी का नतीजा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके लिए राजनीतिक पद से ज्यादा महत्वपूर्ण वे मुद्दे हैं, जिनके आधार पर लोगों ने पार्टी को समर्थन दिया था।
सांसद ने यह भी कहा कि उनका मकसद केवल एक राजनीतिक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होना नहीं है। वह जम्मू-कश्मीर के ऐसे ईमानदार, प्रतिबद्ध और जागरूक युवाओं को एक मंच पर लाना चाहते हैं, जो अपने वतन और यहां के लोगों के दर्द को समझते हैं तथा समाज में बदलाव लाने की इच्छा रखते हैं।

'अब जम्मू-कश्मीर के लिए जिम्मेदारी निभाने का वक्त'
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को समाज के हित में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को माता-पिता ने ईमानदारी और मेहनत के साथ पाला-पोसा है, उन्हें अब समाज और जम्मू-कश्मीर की बेहतरी के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
रुहुल्लाह ने कहा कि वह युवाओं का ऐसा मंच तैयार करना चाहते हैं, जो पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जनकल्याण तथा जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए काम करे।
हालांकि श्रीनगर लोकसभा सीट फिलहाल खाली नहीं होगी। इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष की ओर से रुहुल्लाह का औपचारिक इस्तीफा स्वीकार किया जाना जरूरी है। इस्तीफा स्वीकार होने और सीट रिक्त घोषित किए जाने के बाद संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत उपचुनाव कराया जा सकेगा।
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