जम्मू, राज्य ब्यूरो : दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में सेना की मदद से रेडियो राबता अपनी आवाज दिल से दिल तक पहुंचा रहा है। सुबह कड़ाके की ठंड में रेडियो जाकी उमर निसार व आयशा गौहर के दक्षिण कश्मीर के श्रोताओं का स्वागत करते ही हर किसी के चेहरे खिल उठते हैं।

उमर व आयशा रोज उनकी मुश्किलों के बारे में जानकारी लेते हैं। रेडियो राबता 90.8 एफएम दिल से दिल तक अनंतनाग के आसपास के 20 किलोमीटर के दायरे में पुलवामा, कुलगाम जिलों के लोगों तक अपनी आवाज पहुंचा रहा है। युवा वर्ग रेडियो राबता के प्रति खासा उत्साह दिखा रहा है। हिंदी, पंजाबी गीतों के साथ जल्द कश्मीरी संगीत को रेडियो राबता के माध्यम से लोगों को सुनाने का मौका मिलेगा।

युवा केंद्रित कार्यक्रम रेडियो जाकी स्थानीय युवाओं की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए उनके साक्षात्कार भी करते हैं। ऐसे में सामुदायिक रेडियो के खासे कार्यक्रम युवाओं पर केंद्रित कर बनाए जाते हैं। सामुदायिक रेडियो से लोगों तक आवाज पहुंचाने की योजना कश्मीर की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सेना की 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू की देखरेख में बनी।

इसके माध्यम से लोगों तक अहम जानकारियां उपलब्ध करवाई जा रही है। सैनिकों का प्रिय सेना की विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल रश्मि बाली रेडियो राबत के नियमित श्रोता हैं। वहीं पहलगाम के होटल के जनरल मैनेजर उमर मलिक से लेकर बागवान निसार भट्ट भी नियमित तौर पर रेडियो राबता के कार्यक्रम सुनते हैं। यह रेडियो चैनल युवाओं की पहली पसंद साबित हो रहा है।

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