जागरण संवाददाता, राजौरी : बुधवार को राजौरी जिले में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ ने सरकारी और निजी क्षेत्र की संपत्ति के नुकसान के मामले में बड़े पैमाने पर पदचिह्न छोड़े हैं। जिले में मरने वालों की संख्या तीन तक पहुंच गई है, क्योंकि नदी से एक और शव बरामद किया गया है।

बुधवार को नदी-नालों का बढ़ा जलस्तर वीरवार को कम हो गया। जिसके बाद नुकसान के आंकड़े भी सामने आने लगे। जिला उपायुक्त राजौरी राजेश कुमार शवन ने बताया कि संबंधित विभागों के फील्ड अधिकारियों को व्यापक सर्वेक्षण करने और सभी प्रकार के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। हम अभी तक बाढ़ के कारण हुए नुकसान की स्थिति पर अधिक टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, लेकिन शुरू में दो पुलों के नुकसान, एक पैदल पुल के बह जाने और कुछ अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान के बारे में सूचना मिली है। उन्होंने आगे कहा कि राजौरी में नदी के किनारे स्थित कई कृषि भूमि, ज्यादातर धान के खेतों के बहने से लोगों का काफी नुकसान हुआ है, लेकिन इस नुकसान की सही मात्रा फील्ड अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों तक बारिश का अनुमान है, जिसके लिए राजौरी में रेड अलर्ट जारी है और टीमें अलर्ट पर हैं।

राजौरी में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या अब तीन हो गई है, क्योंकि नौशहरा के मुनव्वर तवी से एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है, जिसकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन हमें संदेह है कि उक्त शव एक ऐसे व्यक्ति का है जो बाढ़ के पानी में बह गया था। यह व्यक्ति बुधवार शाम को राजौरी के बथूनी क्षेत्र से पानी के तेज बहाव में बह गया।

इस बीच, अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश के बीच रिटेंशन दीवारों के कुछ हिस्से गिरने से जिले के ग्रामीण इलाकों में कुछ संपर्क सड़कें प्रभावित हुई हैं।

मनकोट पार्क को जाने वाला रास्ता भी पानी के तेज बहाव की भेंट चढ़ गया। पिछले वर्ष भी यह रास्ता बह गया था। इस रास्ते के बह जाने से गांव के साथ साथ पार्क का संपर्क भी पूरी तरह से कट गया है।

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