पहाड़ों का सफर होगा आसान... जम्मू-पुंछ हाईवे पर बिछेगा सुरंगों का जाल, 4 घंटे की दूरी हो जाएगी कम; 3 टनल पर काम शुरू
जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कंडी, सुंगल और नौशहरा टनल वाहनों के लिए खुल गई हैं, जबकि बटादुलियां टनल का निर्माण अंतिम चरण में है।

जम्मू-पुंछ हाईवे पर बिछेगा सुरंगों का जाल (फाइल फोटो)
HighLights
कंडी, सुंगल, नौशहरा टनल वाहनों के लिए खुलीं
जम्मू-पुंछ का सफर अब चार घंटे में संभव
बटादुलियां टनल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में
गगन कोहली, राजौरी। जम्मू से पुंछ तक सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग 144ए को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।
इस मार्ग पर तीन महत्वपूर्ण टनल कंडी, सुंगल और नौशहरा का निर्माण पूरा होने के बाद इन्हें वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। वहीं, चौथी टनल बटादुलियां का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसके पूरा होने से जम्मू-पुंछ हाईवे पर सफर और अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर सड़क और सुरंगों के निर्माण का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।
इस परियोजना का उद्देश्य न केवल जम्मू संभाग के सीमावर्ती जिलों राजौरी और पुंछ को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध करवाना है, बल्कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे अग्रिम क्षेत्रों तक सुरक्षाबलों की आवाजाही को भी तेज और सुविधाजनक बनाना है। तीन टनल शुरू होने के बाद अब इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को पहाड़ी रास्तों के कई कठिन और जोखिम भरे हिस्सों से राहत मिल रही है।
सात-आठ घंटे का सफर चार घंटे में होने की उम्मीद
वर्तमान में जम्मू से पुंछ पहुंचने में आमतौर पर सात से आठ घंटे तक का समय लग जाता है। पहाड़ी रास्तों, तीखे मोड़ों, संकरी सड़कों और कई स्थानों पर लगने वाले जाम के कारण यात्रियों को लंबा सफर तय करना पड़ता है।
हाईवे परियोजना का काम पूरी तरह संपन्न होने के बाद जम्मू से पुंछ के बीच यात्रा का समय घटकर करीब चार घंटे रह जाने की उम्मीद है। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, मरीजों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
तीन टनल से आसान हुई आवाजाही
जम्मू-पुंछ हाईवे पर कंडी जो तीन सौ मीटर के करीब है, सुंगल टनल की लंबाई 27 सौ मीटर के करीब है और नौशहरा टनल की लंबाई सात सौ मीटर के करीब है के शुरू होने से इस मार्ग की कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।
इन सुरंगों के निर्माण से पहाड़ी रास्तों पर निर्भरता कम हुई है। विशेषकर खराब मौसम और बरसात के दौरान पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क बाधित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। टनल के माध्यम से इन चुनौतियों को कम करने में मदद मिलेगी।
इन सुरंगों के शुरू होने से नौशहरा, सुंदरबनी, राजौरी और पुंछ की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वाहनों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बटादुलियां टनल पर तेजी से चल रहा काम
इस परियोजना की अगली महत्वपूर्ण कड़ी बटादुलियां टनल है, जिसका निर्माण कार्य जारी है। करीब एक किलोमीटर लंबी इस सुरंग का निर्माण सीमा सड़क संगठन की ओर से किया जा रहा है। इसके निर्माण को जम्मू-पुंछ हाईवे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह टनल राजौरी व पुंछ दोनों जिलों को जोड़ने का कार्य करेगी साथ ही बीस किलोमीटर के करीब सफर को कम करेगी।
बटादुलियां टनल का निर्माण पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में सड़क संपर्क और बेहतर होगा। पहाड़ी रास्तों से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक और अपेक्षाकृत सुगम मार्ग उपलब्ध होगा। इससे यात्रा के समय में कमी आने के साथ-साथ वाहनों की आवाजाही भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को मिलेगा बढ़ावा
जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग केवल यातायात का साधन नहीं है, बल्कि सामरिक और आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। राजौरी और पुंछ दोनों जिले नियंत्रण रेखा के साथ लगते हैं।
ऐसे में इन क्षेत्रों में बेहतर सड़क नेटवर्क होने से सेना को अग्रिम चौकियों तक रसद, उपकरण और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने में सुविधा मिलती है। आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षाबलों की त्वरित आवाजाही भी सुनिश्चित की जा सकती है।
वहीं, आम लोगों के लिए बेहतर हाईवे से स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और व्यापारिक गतिविधियों तक पहुंच आसान होगी। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को जम्मू के बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम हो सकेगा।
इसके अलावा राजौरी और पुंछ के पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच बेहतर होने से स्थानीय कारोबार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
स्थानीय लोगों को लंबे समय से इंतजार
राजौरी और पुंछ के लोगों को जम्मू से बेहतर सड़क संपर्क का लंबे समय से इंतजार है। हाईवे पर टनल निर्माण और सड़क चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ने से लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में सफर पहले की तुलना में काफी आसान होगा। खासकर सर्दियों और बरसात के मौसम में पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वाले लोगों को इन परियोजनाओं का बड़ा लाभ मिल सकता है।
तीन टनल के शुरू होने और बटादुलियां टनल का निर्माण अंतिम चरण में पहुंचने से जम्मू-पुंछ हाईवे परियोजना महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। अब लोगों की नजरें शेष निर्माण कार्य पूरा होने पर टिकी हैं, ताकि जम्मू से पुंछ तक का सफर कम समय में और सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।
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