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जम्मू-कश्मीर: राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा के 3 मददगार गिरफ्तार, आतंकियों के गाइड बनकर दिखाते थे रास्ता; IED बरामद

Published: Tue, 15 Sep 2026 08:20 AM (IST)Updated: Tue, 15 Sep 2026 08:42 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा के एक 'ओवर ग्राउंड वर्कर' (OGW) नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

राजौरी के ही निकले लश्कर के 3 ओवर ग्राउंड वर्कर।

राजौरी के ही निकले लश्कर के 3 ओवर ग्राउंड वर्कर।

HighLights

  1. राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा का OGW नेटवर्क ध्वस्त, तीन गिरफ्तार

  2. गिरफ्तार आरोपी आतंकवादियों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट और सुरक्षित आवाजाही देते थे

  3. पुलिस ने जांच के दौरान एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किया

डिजिटल डेस्क, राजौरी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राजौरी से आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े होने के आरोप में एक 'ओवर ग्राउंड वर्कर' (OGW) नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वो आतंकवादियों के मददगार थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जाकिर हुसैन, पिता गुलाम हुसैन, निवासी कोटचरवाल टेरियाथ, राजौरी। मोहम्मद आजम, पिता अली बहादुर, निवासी कोटचरवाल टेरियाथ, राजौरी और मोहम्मद मुश्ताक, पिता मोहम्मद इक़बाल, निवासी उधान, राजौरी के रूप में हुई है। तीनों में कॉमन ये है कि वो तीनों ही राजौरी के ही निवासी हैं।

टेरर मॉड्यूल की जांच के दौरान की गई गिरफ्तारियां

पुलिस द्वारा पीर पंजाल इलाके में सक्रिय एक टेरर मॉड्यूल की जांच के दौरान ये गिरफ्तारियां की गईं। शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर आतंकवादियों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट, सुरक्षित आवाजाही और जमीनी स्तर पर अन्य मदद मुहैया कराने में शामिल थे।

आरोपी आतंकियों के लिए गाइड का काम करते थे

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर गाइड का काम करते थे और आतंकवादी समूहों को कश्मीर घाटी की ओर जाने में मदद करते थे। उन पर नागरिकों पर हुए हमले समेत कई बड़े हमलों में शामिल आतंकवादियों को जमीनी मदद देने का भी शक है।

IED किया गया बरामद

जांच के दौरान, एक आरोपी की जानकारी भारी मात्रा में IED बरामद किया गया। शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह डिवाइस कथित तौर पर एक आतंकवादी समूह के सदस्यों ने आरोपी को सुरक्षित रखने और किसी टारगेटेड हमले में इस्तेमाल करने के लिए दिया था।

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