जागरण संवाददाता, राजौरी : जिले की कोटरंका तहसील में पहाड़ों से घिरे एक दूरदराज के इलाके में स्थित, पंजनाड़ा गांव में रहने वाले लगभग दो हजार लोग एक सड़क परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। सड़क का काम 1960 के दशक में शुरू किया गया था और बाद में 2009 में एक नियमित सड़क परियोजना के रूप में लिया गया।

वर्ष 2009 में 196.80 लाख रुपये की अनुमानित लागत से मंदिर गल से पांजनाड़ा तक सड़क का निर्माण नामकरण के साथ सड़क परियोजना शुरू की गई थी। 20.12 लाख की धनराशि भी जारी की गई। सड़क का शिलान्यास भी 24 अक्टूबर 2009 को राजौरी डिवीजन के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में विधायक दरहाल विधानसभा क्षेत्र, चौधरी जुल्फकार अली द्वारा किया गया था। सड़क की कुल लंबाई साढे तीन किलोमीटर है और काम का कुछ हिस्सा अब तक पूरा हो चुका है। जिसमें डेढ़ किलोमीटर की मेटलिग, 02.00 किलोमीटर की शिफ्टिग और 0.50 किलोमीटर सड़क को मौसम के अनुसार तैयार करना है। लंबित कार्य में ब्लैकटॉपिग, मेटलिग और नाले व सुरक्षा दीवार का काम बचा हुआ है। इसके साथ ही छह मीटर की एक पुलिया और साढे तीन सौ मीटर की सुरक्षा दीवार भी लंबित है। धार सकरी पंचायत के सरपंच, अजाज अहमद सहित क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क विभाग के लिए यह सड़क सोने की खान बन गई है। हर साल मार्च के महीने में प्रगति दिखाने के लिए सड़क पर कुछ काम किया जाता है। उसके बाद फिर से काम के बंद कर दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सड़क परियोजना 2009 में शुरू की गई थी, लेकिन यह वास्तविक निर्माण 1960 के दशक में शुरू हुआ था। जमीन में भी तक कुछ भी नहीं बदला। पंजनाड़ा गांव के लगभग दो ह•ार लोग, जहां कोई और सड़क संपर्क नहीं है, इस सड़क परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

इस संबंध में बात करने पर जिला आयुक्त एजाज अहमद असद का कहना है कि सड़क के कार्य में इतनी देरी क्यों हुई है इसकी जांच होगी। विभाग के अधिकारियों से बैठक करके जल्द ही इस कार्य को पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।

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Posted By: Jagran