जम्मू, जेएनएन। भारतीय सीमा में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जिला पुंछ में नियंत्रण रेखा से सटी कृष्णा घाटी सेक्टर में आज तड़के 2.30 बजे पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय चौकियों व रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए अचानक गोलाबारी शुरू कर दी है। इस दौरान एक भारतीय जवान भी शहीद हो गया। भारतीय जवानों ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया और दो पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। हालांकि अधिकारिक तौर पर अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है। 

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा अचानक की गई इस गोलीबारी के बाद भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी थी। पाकिस्तान सैनिक पहले तो हल्के हथियार का इस्तेमाल कर रहे थे परंतु बाद में उन्होंने मोर्टार दागना शुरू कर दिए। इस दौरान एक शैल भारतीय चौकी के समीप आकर फटा जिसकी चपेट में आने से एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल जवान को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया परंतु वहां जख्मों का ताव न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया। भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई में भारी हथियारों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कई पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त कर दिया जिसमें उनके दो सैनिक भी मारे गए हैं। फिलहाल दोनों ओर से गोलीबारी बंद है।

वहीं कठुआ के हीरानगर सेक्टर के रठुआ, पानसर व मनयारी गांवों में लगातार तीसरे दिन भी पाकिस्तानी रेंजर्स ने आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए गोलाबारी की। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। शाम करीब साढ़े आठ बजे लोग खाना खा रहे थे तभी पाक रेंजर्स ने बीका चक व अभियाल डोगरा पोस्टों से मोर्टार व छोटे हथियारों से गोलाबारी शुरू कर दी। गोलाबारी से लोगों में हड़कंप मच गया और वह अपने घरों के अंदर दुबक गए। मोर्टार गिरने से दो मकानों को नुकसान पहुंचा, जबकि एक भैंस घायल हो गई। सुबह करीब साढ़े चार बजे गोलाबारी बंद हो जाने से लोगों ने राहत की सांस ली थी। सुबह ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन करण कुमार, सरपंच भारत भूषण, सरपंच मोहन लाल, कुलदीप राज, विजय कुमार व जगदीश ङ्क्षसह लोगों का हाल जानने के लिए पंहुचे थे।

रठुआ निवासी स्वर्गीय बोधराज की पत्नी कुंती देवी ने बताया कि गोलाबारी से बचाने के लिए उसने अपनी भैंस बिना छत के पक्के कमरे में बांधी थी और खुद दूसरी जगह कच्चे मकान में थी। तभी एक मोर्टार मकान के अंदर गिरा और दीवार को चीरता हुआ दूसरी तरफ निकल गया, जिससे अंदर बंधी भैंस घायल हो गई। कुंती देवी ने बताया कि चार साल पूर्व ग्रामीण विकास विभाग ने मकान बनाने के लिए इंदिरा आवास योजना के तहत 75 हजार रुपए मंजूर किए थे। पहली किश्त में 20 हजार रुपये जारी किए थे, जिससे दीवारें तो खड़ी कर दी, लेकिन छत के लिए पैसा नहीं मिला। गांव के पंच सुरेंद्र कुमार के घर पर भी एक मोर्टार गिरा, लेकिन परिवार के लोग बाल-बाल बच गए।

सुरेंद्र ने बताया कि गोलाबारी शुरू होते ही बाहर घूम रहे बच्चों को लेकर मकान के अंदर आया तो आंगन में जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के मकानों की दीवारें छलनी हो गई। तीन दिन से हो रही गोलाबारी से करीब 10 मोर्टार गांव के अंदर गिरे हैं। अगर गोलाबारी जारी रही तो जानी नुकसान हो सकता है। गांव में बंकर निर्माण कार्य भी अधर में लटका है। प्रशासन को इसे जल्द बनाना चाहिए।

Posted By: Rahul Sharma

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