जागरण संवाददाता, कठुआ: कठुआ की बेटिया अब हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने लगी हैं। सेना, एयरफोर्स के बाद अब कमर्शियल पायलट बनकर हवा से बातें करने के लिए भी कठुआ की बेटियां सक्षम है।

शहर के वार्ड 5 में स्थित मंडी शेर सिंह में रहने वाले नरेंद्र कोहली की बेटी एरिका कोहली इंडिगो गो एयर लाइन में कमर्शियल पायलट बनेगी जो एक फरवरी से पायलट के रूप में उक्त कंपनी को अभी प्रशिक्षण पार्ट में सेवाएं देना शुरू कर देगी। पिता नरेंद्र कोहली का आस्ट्रेलिया में ही व्यवसाय होने के चलते बेटी ऐरिका को वहां से इस क्षेत्र में जाने का काफी मौका मिला। वर्ष 2016 में बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी में इलेक्ट्रानिक में इंजीनियरिग करने के बाद वर्ष 2017 में आस्ट्रेलिया से कमर्शियल पायलट की एविऐशन की ट्रेनिग करने का मौका मिला। उसके बाद इंडिया से एविऐशन की ट्रेनिग 2018 में एक साल की ट्रेनिग लेने के बाद वर्ष 2019 में कमर्शियल पायलट का लाइसेंस मिला। हालांकि, लाइसेंस मिलने के बाद ऐरिका को 2020 में ही फाइनल ट्रेनिग के लिए ज्वाइन करना था, लेकिन कोरोना के चलते उसे पायलट बनकर जहाज उड़ाने का मौका मिलने में देरी हो गई, जिसका अब सपना पूरा होने जा रहा है।

अब एक फरवरी से ऐरिका फाइनल ट्रेनिग में कुछ हफ्ते के लिए आस्ट्रेलिया में ही पैंसेंजर जहाज उड़ाएगी, उसके बाद ट्रेनिग पार्ट में ही इंडिया में भी कुछ हफ्ते के लिए। प्रशिक्षण की इस प्रक्रिया के बाद एरिका कमर्शियल पायलट बनेगी। माता रिकी कोहली बेटी के कमर्शियल पायलट बनने पर गौरवान्वित हुई है। उसने बताया कि बेटी की बचपन से ही जहाज में सफर करना और एक दिन खुद भी जहाज उडाने का सपना रहा, जिसे उसने पूरा कर लिया है। कोट्स---

लड़की के लिए कोई भी कार्य मुश्किल या बड़ा नहीं होता है, सिर्फ उसे करने के लिए खुद को मजबूत बनना होता है। इरादें पक्के होने चाहिए और कोशिश भी जारी रखनी चाहिए। मुझे बचपन से ही जहाज में सफर करने का शौक था, उसके बाद जहाज उड़ाने का सपना भी संजोया और मैने इरादा पक्का कर लिया था कि मुझे एक दिन खुद कमर्शियल पायलट बनकर जहाज उड़ाना है और उड़ा कर ही रहेगी, मेरे मजबूत इरादे और विश्वास ने उसे मुकाम पर पहुंचा दिया। हालांकि, इसमें मेरे अभिभावक का पूरा सहयोग व समर्थन रहा।

--एरिका कोहली, कमर्शियल पायलट

Edited By: Jagran