जागरण संवाददाता, कठुआ: भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहिब डा.भीम राव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर प्रशासनिक कार्यालयों सहित शिक्षण संस्थानों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रशासन ने उनकी पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया।

इस दौरान जहां बाबा साहिब आंबेडकर को सम्मान के निशान के रूप में उनकी तस्वीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी, वहीं डिग्री कॉलेज में उनकी जीवनी एवं संविधान पर एक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। महिला डिग्री कॉलेज में आयोजित प्रतियोगिता में रेड रिबन क्लब और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रमों में वक्ताओं ने बाबा साहिब के जीवन के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भारत के दलितों और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। छात्रों ने देश में किसी भी प्रकार के भेदभाव से मुक्त सामाजिक क्रांति लाने के उद्देश्य से संविधान का मसौदा तैयार करते समय ²ष्टि के बारे में भी बताया और नागरिकों को धर्म से स्वतंत्रता प्रदान की, छुआछूत को समाप्त किया और नागरिकों के अधिकारों की वकालत की।

कार्यक्रमों की कड़ी में ब्लॉक नगरी में महानिर्वाण दिवस पर बाबा भीम राव आंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की गई। जहां पर डीडीसी सदस्य नगरी संदीप मजोत्रा ने भाग लिया और भारतीय संविधान के पिता के ²ष्टिकोण पर अपने विचार व्यक्त किए। जिला समाज कल्याण अधिकारी अब्दुल रहीम की देखरेख में जिला एवं तहसील समाज कल्याण कार्यालयों में भी समारोह आयोजित किए गए, जहां अधिकारियों ने बाबा साहिब को पुष्पांजलि अर्पित की।

जिला समाज कल्याण अधिकारी अब्दुल रहीम ने कहा कि भारत को एक ऐसा संविधान देने के योगदान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जो वास्तविक भारतीय मूल्य प्रणाली का पालन करने के अलावा आपसी समझ, विविध सामाजिक ताने-बाने के पुराने क्रम का सही मेल है।

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