संवाद सहयोगी, हीरानगर: उप जिला अस्पताल हीरानगर, मढीन, हरिया चक में डाक्टरों की नियुक्ति की माग को लेकर वीरवार को सामाजिक इंसाफ मंच के सदस्यों ने सब डिवीजन कार्यालय के समक्ष रोष प्रदर्शन कर अपना माग पत्र एसडीएम राकेश कुमार के माध्यम से उप राज्यपाल को भेजा।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे बीएल काडले ने कहा कि कोरोना काल में भी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के कारण लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो रही। उप जिला अस्पताल हीरानगर में अल्ट्रासाउंड मशीन एक साल से बंद पड़ी है। एक्सरे करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। लोगों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए कठुआ या साबा जाना पड़ता है। गरीब लोग आíथक तंगी की वजह से बड़े अस्पतालों में नहीं जा पाते। उन्होंने कहा कि मढीन तथा हरिया चक प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में भी डाक्टरों के पद खाली पड़े हैं। इन अस्पतालों में रात के समय कोई डाक्टर नहीं होता। सिर्फ एक-एक आयुर्वेदिक डॉक्टर नियुक्ति किया गया है। उन्होंने कहा कि सब डिवीजन के अंतर्गत सीमावर्ती गाव पड़ते हैं, जिनमें अक्सर पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी होती रहती है। इसके बावजूद भी डाक्टरों की अभी तक नियुक्ति नहीं की गई। इस समय कोविड-19 की दूसरी लहर चल रही है और तीसरी लहर की भी आशका जताई जा रही है। ऐसे में सरकार को प्राथमिकता से अस्पतालों में डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त सुविधाएं मिल सके। उन्होंने कहा कि ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से उप राज्यपाल मनोज सिन्हा को भेज दिया। उम्मीद है कि इस पर गौर किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में राम पाल शर्मा, स्वर्ण सिंह, शाम लाल, सुरेश कुमार, नीरज शर्मा व आदि शामिल थे।

Edited By: Jagran