जागरण संवाददाता, कठुआ : जिले में नए क्लीनिकल प्रतिष्ठानों और डायग्नोस्टिक केंद्रों के पंजीकरण के तौर-तरीकों पर चर्चा के लिए डीसी राहुल यादव ने शनिवार को बैठक बुलाई। डीसी क्लिनिकल प्रतिष्ठानों/डायग्नोस्टिक केंद्रों के जिला पंजीकरण प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं।

बैठक में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत क्लिनिकल प्रतिष्ठानों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के तौर-तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। डीसी ने नए नियमों के तहत क्लीनिकल प्रतिष्ठानों/डायग्नोस्टिक केंद्रों के अनिवार्य पंजीकरण के बारे में सभी को सूचित करने के लिए नए सिरे से नोटिस जारी करने पर जोर दिया। उन्होंने ऐसे सभी प्रतिष्ठानों और निदान केंद्रों को सूचित करने का भी आह्वान किया, जिनका पंजीकरण समाप्त हो गया है और उन्हें निर्धारित समय के भीतर फिर से पंजीकृत करने की आवश्यकता है।

डीसी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि ऐसे क्लीनिकल प्रतिष्ठानों का पंजीयन जारी करने से पहले जिले में नामित टीमों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाए। पीसीएंडपीएनडीटी अधिनियम के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए डीसी ने सीएमओ को बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा और आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के दंडात्मक प्रविधान के बारे में प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया, ताकि लिंग निर्धारण और कन्या भ्रूण हत्या की प्रथा को हतोत्साहित किया जा सके। डीसी ने पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन को रोकने के लिए सभी पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों के डेटाबेस को अपडेट करने और इन केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने का भी आह्वान किया।

डीसी ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी नियमों का पालन कराने के लिए सक्रियता बरतें। गौर कानूनी काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए।

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