संवाद सहयोगी, हीरानगर : सीमा सुरक्षा बल देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ सीमा पर रहने वाले युवाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए भी अहम भूमिका निभा रहा है। ऐसे ही बल की 07वीं बटालियन ने सेक्टर के 39 युवाओं को राष्ट्रीय कौशल कार्यक्रम के तहत इलेक्ट्रिकल मैकेनिक का प्रशिक्षण दिलवाया है। जिन्हे बटालियन के कमांडेट एचएस रावत ने मंगलवार को मनियारी पोस्ट में आयोजित कार्यक्रम में प्रमाण पत्र वितरित किए। इस दौरान बार्डर यूनियन के प्रधान नानक चंद, पूर्व सरपंच बीडी शर्मा, नंबरदार सतपाल, बाल कृष्ण, अशोक कुमार व बल के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कार्यक्रम में कमांडेट एचएस रावत ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल सीमा की निगरानी के साथ सीमा के साथ लगते गांवों के विकास के लिए भी काम कर रहा है। बीएडीपी, सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत अक्सर गांवों में खेल प्रतियोगिताएं, चिकित्सा शिविर और विद्यार्थियों के लिए कोचिंग की व्यवस्था की जाती है। ताकि लोगों के साथ बेहतर तालमेल बना रहे। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र के 39 युवाओं को इस बार इलेक्ट्रिेशियन का प्रशिक्षण दिलवाया गया है ताकि युवा अपना काम धंधा चलाकर आत्मनिर्भर हो सके। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को उनकी जमीनों का उचित मुआवजा मिल सके इसके लिए भी उच्चाधिकारियों को समय समय पर रिपोर्ट भेजते रहते है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी युवाओं को प्रशिक्षण दिलवाने के लिए अधिकारियों का आभार जताया और भविष्य में भी सहयोग देते रहने का वादा किया।

Posted By: Jagran