जम्मू, जागरण संवाददाता : नृत्य, संगीत और वाद्ययंत्रों का अविष्कार भारत में ही हुआ है। हिन्दू धर्म का नृत्य, कला, योग और संगीत से गहरा नाता रहा है।आज योग दिवस के साथ-साथ विश्व संगीत दिवस भी है। संगीत एक ऐसी साधना है। जिसका कोई अंत नहीं है। लोग वर्षों संगीत साधना में जुटे रहते है लेकिन उन्हें कोई विशेष पहचान नहीं मिल पाती। लेकिन कोराेना काल में जबकि सोशल मीडिया पर हर किसी को खुल कर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका था तो बहुत से ऐसे कलाकार भी उभरकर सामने आए हैं जिन्हें शायद आम दौड़ भरी दिनचर्या में उतना समय न मिल पाता या लोगों को भी ऐसे कलाकारों को सुनने का मौका न मिलता। लेकिन कोरोना काल में बहुत से युवाओं ने खुल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अपने गाए मीत नेट पर चढ़ाए और इतनी वाहवाही मिली की आज वह संगीत के क्षेत्र में एक स्थापित पहचान के साथ जम्मू का नाम रोशन कर रहे हैं।

ऐसा ही एक नाम है भाई बहन रुही-जूही का मानसर के रिंकू, एक्सचेंज रोड जम्मू के अजीत सिंह का न्यू प्लाट के जोगेंद्र सिंह का और दूसरे ऐसे कई युवा कलाकार हैं। जिनके गाने यूट्यूब पर इन दिनों छाए हुए हैं। कोरोना से पहले यह नाम संगीत की दुनिया में कही नहीं थे। सोनाली डोगरा जैसे स्थापित कलाकारों को भी काफी नए श्रोता कोरोना काल में मिले। वहीं जेआर जैक्सन, जिनका डांस के क्षेत्र में तो एक नाम था लेकिन उन्होंने कोरोना काल में अपने लिखे गाने गाने भी शुरू कर दिए। जूही सिंह ने अपने संगीतकार पिता सूर्य सिंह के साथ भी कुछ गाने सोशल मीडिया पर शेयर किए। जिन्हें पसंद किया गया। मानसर के रिंकू का कहना है कि गाने का शौक तो उन्हें लंबे समय था। कई वर्षों से गा रहा था लेकिन जो लोक प्रियता लॉकडाउन में सोशल मीडिया पर मिली है। ऐसी लोकप्रियता कभी नहीं मिली। आज लोग सोशल मीडिया के कारण मुझे जानने लगे हैं। लोगों के जब फोन आते हैं या विशेष टिप्पणियां मिलती हैं तो बहुत अच्छा लगता है।

डायरेक्टर काशिर चैनल डा. नसीब सिंह मन्हास ने कहा कि कोरोना काल में दूरदर्शन की रिकार्डिंग तो संभव नहीं थी लेकिन सोशल मीडिया पर काफी नए कलाकारों को सुनने का मौका मिला है।आज के युग में प्रतिभा को उसे कहीं न कहीं मौके मिल ही जाते हैं। इस दौरान जिन कलाकारों को पसंद किया जा रहा है। उन्हें चाहिए कि वह आगे भी मेहनत करें। नियमित रियाज करें। हो सके तो किसी अच्छे गुरु से प्रशिक्षण प्राप्त करें।इससे उनकी प्रतिभा का और निखार होगा।हालात सामान्य होने पर यह कलाकार रेडियो, दूरदर्शन के आडिशन दें। उन्हें जरूर मौके मिलेंगे।

वहीं गायक एवं कम्पोजर शाम साजन का कहना है कि पहले मंच पर आने के लिए वर्षो इंतजार करना पड़ता था। लेकिन आज सोशल मीडिया एक ऐसा मंच है यहां कोई भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकता है। उसे मौके पर ही जो प्रतिक्रिया मिलती है। उससे पता चल जाता है कि उसके लिए संगीत के क्षेत्र में आगे क्या भविष्य हो सकता है। आज जब प्लेटफार्म है तो उसका लाभ लेना चाहिए। हां मेहनत के बिना शिखर पर पहुंच पाना संभव नहीं है।

Edited By: Rahul Sharma