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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Women's Day Special: हौसलों को मिला सरकार का साथ तो पूरे हुए सपने, जम्‍मू कश्‍मीर की 46 हजार महिलाएं बनी 'लखपति दीदी'

Published: Thu, 07 Mar 2024 07:41 PM (IST)

Womens Day Special जम्‍मू कश्‍मीर की महिलाओं के सपनों को पंख मिले हैं। करीब 46 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन ...और पढ़ें

हौसलों को मिला सरकार का साथ तो पूरे हुए सपने
हौसलों को मिला सरकार का साथ तो पूरे हुए सपने

रोहित जंडियाल, जम्मू। Women's Day Special: कुछ वर्ष पहले तक घरों की चौखट के भीतर ही सिमट कर रहने वाली ग्रामीण महिलाएं अब हौसले के साथ अपने सपनों को साकार कर रही हैं। सरकार के समर्थन और स्वरोजगार के माध्यम से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लखपति दीदी के लक्ष्य को पूरा कर रही हैं।

जम्मू कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों के अनुसार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश में अब तक 46,887 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह योजना सभी 20 जिलों और 285 सीडी ब्लॉकों में लागू है। अब तक 7.4 लाख ग्रामीण महिलाओं को 89 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में शामिल किया गया है। जेकेआरएलएम से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को रिवाल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश फंड के रूप में 421 करोड़ वितरित किए गए हैं।

दूध के उत्‍पाद को बेचकर बनी लखपति दीदी

जम्मू के मढ़ ब्लॉक के सीमावर्ती गोलपत्तन गांव की सुषमा देवी के पास कोई रोजगार नहीं था। वर्ष 2015 में वे सरकार की उम्मीद योजना के साथ जुड़ीं। दो वर्ष बाद जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत दूध उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लिया। वर्ष 2019 में अपना काम शुरू कर दिया। पांच वर्ष में उन्होंने अपने साथ तीन सौ से अधिक महिलाओं को जोड़ा और आज हर दिन चार से पांच क्विटंल दूध के उत्पाद बेच कर लखपति दीदी बनी हुई है।

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उन्होंने अपना स्वयं सहायता समूह बनाया और 10 हजार रुपये ऋण लिया। पहले एक लाख रुपये और अब पांच लाख रुपये से अधिक का ऋण लेकर काम कर रही है। उनकी गजनसू में ही दुकान है, जहां हर दिन 15 से 20 हजार रुपयों के दुग्ध उत्पाद बेच रही हैं। इस समय उनके फेडरेशन का वार्षिक टर्नओवर 50 लाख से अधिक का है। गुरुवार को श्रीनगर में प्रधानमंत्री की रैली में विशेष रूप से आमंत्रित लखपति दीदियों में सुषमा भी थीं।

ऑर्गेनिक मसालों से लखपति बनी अनिता

जम्मू के रियासी जिले की अनिता शर्मा ऑर्गेनिक मसालों से लखपति दीदी बनी हैं। उन्होंने वर्ष 20017 में स्टार्टअप शुरू किया। इसकी शुरुआत उन्होंने रियासी के बाघा में 10 महिलाओं के साथ स्वयं सहायता समूह राधेश्याम बनाकर की। पहले 70 हजार रुपये ऋण लिया और अब पांच लाख रुपये ऋण लेकर बड़ा यूनिट लगाने जा रही हैं।

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मसाले बनाकर पूरे रियासी जिले में भेजे जाते हैं। उनके साथ इस समय सौ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। सभी की आय मिलकर डेढ़ लाख रुपये प्रति महीने है। उन्होंने गांव में आम के 400 पौधों का बाग भी लगाया है। उन्होंने जिले को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए भी काम किया। अभी तक जिले में ढाई लाख कपड़ों के थैले आपूर्ति किए जा चुके हैं।