श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ शुरु हुई श्रीनगर-शारजाह सीधी विमान सेवा पर भी कोरोना महामारी की तीसरी लहर से प्रभावित होने लगी है। इसमें सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में बीते कुछ समय से लगातार गिरावट आ रही है। यात्रियों की लगातर घटती संख्या और कोरोना की तीसरी लहर की तीव्रता को देखते हुए इसे कुछ समय तक बंद किए जाने की आशंका से स्थानीय लोग भी परेशान हो उठे हैं।

श्रीनगर से शारजाह के लिए श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से 23 अक्टूबर 2021 को शुरु हुई थी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शारजाह के लिए पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। श्रीनगर-शारजाह विमान सेवा सप्ताह में दो से तीन दिन उपलब्ध थी।

गो फर्स्ट एयरलाईन से जुड़े सूत्रों नपे श्रीनगर-शारजाह सेवा का लाभ लेने वाले यात्रियों की संख्या में गिरावट की पुष्टि करते हुए कहा कि इसका एक बड़ा कारण कोरोना संक्रमण के मामलों में आ रही तेजी ही है। अगर यही स्थिति रही तो इसे बंद कुछ समय के लिए बंद भी किया जा सकता है और परिस्थितियों में सुधार के आधार पर इसे दोबारा बहाल कर लिया जाएगा।

इस बीच, श्रीनगर में टूर एंड ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े सोहेल खान ने कहा कि श्रीनगर-शारजाह विमान सेवा में यात्रियों की संख्या बीते कुछ दिनो ंसे लगातार घट रही थी। अगर शुरु के दिनों के आधार पर तुलना की जाए तो करीब 70 प्रतिशत की कमी आ चुकी है। बीते तीन सप्ताह से यात्री लगातार घट रहे थे। शुरु के दिनों में तो श्रीनगर-शारजाह की प्रत्येक विमान सेवा में 90 प्रतिशत तक यात्री होते थे। इसे लेकर स्थानीय लोगों में बहुत उत्साह था और यह कश्मीर के कारोबारी जगत के लिए फायदेमंद साबित हो रही थी। पहले माह करीब पांच हजार लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया था।

श्रीनगर शारजाह विमान सेवा शुरु में पूरी तरह सामान्य रही। पाकिस्तान ने इसमें कोई अड़ंगा नहीं डाला,लेकिन कुछ ही दिन बाद उसने इसके लिए अपनी वायुसीमा के इस्तेमाल की अनुमति से इंकार कर दिया। पाकिस्तान के मुताबिक, कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और वह श्रीनगर से किसी सीधी अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा को अनुमति नहीं देगा। इसके बाद श्रीनगर से शारजाह पहुंचने में विमान को 40 मिटन का अतिरिक्त समय लग रहा था,क्योंकि यह विमान राजस्थान और गुजरात से होते हुए शारजाह जा रहा था।

श्रीनगर-शारजाह विमान सेवा पर कोरोना संक्रमण के असर पर निराशा व्यक्त करते हुए रफी रज्जाकी नामक एक कारोबारी ने कहा कि हम इसके जरिए यूएई में अपनी दस्तकारी का सामान भी सीधे पहुंचा रहे थे। इसके बंद होने से हम जम्मू कश्मीर के लोगों को ही नुक्सान होगा।

इससे पहले 14 फरवरी 2009 को श्रीनगर से दुबई के लिए सीधी विमान सेवा शुरु हुई थी,वह भी कुछ दिन बाद अचानक ही बंद हो गई थी। श्रीनगर से खाड़ी देशों के लिए सीधी विमान सेवा की बहाली का मतलब यहां पर्यटन और कारोबार के साथ साथ आम लोगों को भी फायदा है। करीब एक लाख कश्मीरी खाड़ी देशों में हैं और हर माह दो से तीन हजार कश्मीरी दुबई, जेद्दाह, मस्कट से कश्मीर आते हैं या फिर कश्मीर से जाते हैं।

Edited By: Vikas Abrol