श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। दक्षिण कश्मीर के नागनाड़, कुलगाम में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलाें ने सात लाख के इनामी जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकी वलीद को उसके दो साथियों संग मार गिराया।। मुठभेड़ में तीन सैन्यकर्मी भी जख्मी हुए हैं। आइईडी विशेषज्ञ वलीद ने सुरक्षाबलों से बचने के लिए स्थानीय नागरिकों की आड़ में भागने का प्रयास भी किया परंतु सतर्क जवानों के साथ वह हैंड-टू-हैंड लड़ाई में मारा गया। फिलहाल, सुरक्षाबलाें ने स्थानीय लोगों से मुठभेड़ स्थल को सुरक्षित घाेषित किए जाने तक वहां से दूर रहने की ताकीद की है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कुलगाम के कई हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया है।

डीआइजी दक्षिण कश्मीर रेंज अतुल कुमार गोयल ने बताया कि आज तड़के पुलिस को सूचना मिली थी कि आतंकियों का एक दल नागनाड़, चिम्मर में एक जगह अपने किसी संपर्क सूत्र से मिलने आया है। हमने सुबह साढ़े चार बजे के करीब सेना की 9 आरआर और सीआरपीएफ के साथ मिलकर गांव की घेराबंदी कर ली और पांच बजे के करीब जवानाें ने तलाशी अभियान शुरु किया। इस बीच आतंकियों ने जवानों को अपने ठिकाने की तरफ आते देख फायरिंग शुरु कर दी।। जवानों ने भी अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया। आतंकी जिस मकान में छिपे थे,उसकी तरफ जाने का एक ही रास्ता था।

मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने यूबीजीएल ग्रेनेड भी दागे: सेना के 9 आरआर सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर वीएस ठाकुर ने बताया सुरक्षाबलों ने आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद करते हुए उन्हें कई बार आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। लेकिन आतंकियाें ने फायरिंग जारी रखी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। इसके साथ हमने वहां फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने का अभियान भी चलाया। इस दौरान दो आतंकियों ने अधांधुध फायरिग करते हुए सुरक्षाबलों पर यूबीजीएल ग्रेनेड दागे जिसमें तीन सैन्यकर्मी घायल हुए। लेकिन हमारे जवानों ने नागरिकों की सुरक्षा को यकीनी बनाते हुए जवाबी कार्रवाई कर दोनों आतंकियों को मार गिराया। सुबह पौने आठ बजे तक दो आतंकी मारे गए थे। तीनों घायल सुरक्षाकर्मियों को उपचार के लिए श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल पहुंचाया गया है।

वलीद ने भीड़ का फायदा उठा भागने का किया प्रयास: आतंकी ठिकाना बने मकान से जब लोगों को बाहर निकाला जा रहा था तो एक आतंकी भी फिरन पहनकर बाहर निकला। उसने फिरन के भीतर हथियार छिपा रखा था। जवानों को उस पर कुछ संदेह हुआ और उन्होंने उसे रोकने का प्रयास किया। इस पर उसने हथियार निकाल फायर करना चाहा, लेकिन हमारे एक जवान ने उसे मौका नहीं दिया। इसके बाद वहां दोनों के बीच हैंड-टू-हैंड फाइट भी हुई और बहादुर जवान ने उसे मार गिराया। यह आतंकी कोई और नहीं जैश-ए-मोहम्मद का कुख्यात आतंकी वलीद भाई ही था। आइईडी विशेषज्ञ वलीद बीते डेढ़ साल से कश्मीर में सक्रिय था।

हालांकि पुलिस ने वलीद के संग मारे गए अन्य दाे स्थानीय आतंकियों की पहचान नहीं की है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के मुताबिक उनके नाम रौऊफ अहमद और रईस अहमद हैं।

आतंकियों के पास से बरामद हथियार: नागनाड़ में मारे गए वलीद व उसके साथियों के शवों के पाास से सुरक्षाबलों ने दो एसाल्ट राइफलें, एक यूबीजीएल और एक अमरीका निर्मित एम-4 कार्बाइन राइफल, पांच मैगजीन और छह ग्रेनेड बरामद किए हैं।

बाहरी श्रमिकों की हत्या में लिप्त थे तीनों आतंकी: ब्रिगेडियर वीएस ठाकुर ने बताया कि वलीद और उसके साथ मारे गए अन्य दोनों आतंकी 29 अक्तूबर 2019 को कुलगाम में पश्चिमी बंगाल के पांच श्रमिकों की हत्या में भी लिप्त थे। इसी साल चार अप्रैल को नंदीमर्ग कुलगाम में पांच नागरिकों की हत्या में भी इनका हाथ था।

वलीद का मारा जाना है बड़ी कामयाबी: पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि वलीद का मारा जाना एक बड़ी कामयाबी है। वह कश्मीर में 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले जैसी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए आइईडी कार बम तैयार करने में लगा था। पुलवामा में मई के अंतिम सप्ताह के दौरान बरामद कार बम को तैयार करने में भी वह शामिल था। वह सुरक्षाबलों से बचने के लिए कुलगाम में छिपा हुआ था। वह बीते दो माह के दौरान करीब चार बार मुठभेड़ में सुरक्षाबलों से बच निकलने में कामयाब रहा है। स्थानीय आतंकियो को आइईडी बनाने का प्रशिक्षण देने के अलावा वह नए लड़कों को भी आतंकी बनने के लिए उकसाता था। पिछले महीने भी वह कुलगाम और शोपियां जिले की सरहद पर एक गांव में हुई मुठभेड़ में बच निकला था।

कश्मीर में मारे गए हैं 136 आतकी: कश्मीर घाटी में बीते साल पहली जनवरी से चार अगस्त तक सुरक्षाबलों ने विभिन्न मुठभेड़ों में 133 आतंकियों को मार गिराया था। इस साल पहली जनवरी से 17 जुलाई की दोपहर तक ही सुरक्षाबलों ने 136 आतंकियों को मार गिराया है। इनमें 19 बड़े आतंकी कमांडर शामिल हैं।

 

 

Edited By: Rahul Sharma