जम्मू, जागरण संवाददाता । जम्मू-कश्मीर के ट्रांसपोर्टर वन टाइम टैक्स को वापस लिए जाने की मांग को लेकर अांदोलन छेड़ने के मूड में हैं। ट्रांसपोर्टरों ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक और सलाहकार के स्कंदन को साफ किया कि अगर इस मामले में दो-तीन दिनों के भीतर हस्तक्षेप नहीं किया तो फिर ट्रांसपोर्टर आंदोलन का बिगुल फूंककर जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर लद्दाख तक चक्का जाम कर देंगे और इसके लिए राज्यपाल प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार होगा।

ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन टीएस वजीर ने रविवार को पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में अनुच्छेद 370 हटने के बावजूद कश्मीर घाटी के लिए खाद्य आपूर्ति की सप्लाई ट्रांसपोर्टरों ने सामान्य तरह से जारी रखी हुई है। जम्मू-कश्मीर में ट्रांसपोर्टर पहले ही आतंकवाद, बाढ़, पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में वृद्धि और फीस व टैक्स से परेशान हैं। इसकी वजह से अधिकतर ट्रांसपोर्टर बैंक से लोन पर लिए गए वाहनों की मासिक किश्त की अदायगी करने में भी असमर्थ हैं। वन टाइम टैक्स बढ़ने की वजह से ट्रांसपोर्टर नए वाहन को खरीदने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में वन टाइम टैक्स थोपना सरासर अन्याय है जबकि पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकारों द्वारा वन टाइम टैक्स की अदायगी करने बारे कोई भी कदम नहीं उठाए गए हैं।

एसोसिएशन ने राज्यपाल से मांग की कि आम लोगों और ट्रांसपोर्टरों को इससे काफी नुकसान होगा और इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लेना चाहिए अन्यथा ट्रांसपोर्टरों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। ट्रांसपोर्टरों को चक्का जाम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है और जल्द ही वन टाइम टैक्स को वापस नहीं लिया गया तो फिर 70 हजार कमर्शियल वाहन जिसमें बस, ट्रक, टैंकर, आटो रिक्शा, टैक्सी और मिनी बसें आती हैं, के चक्के जाम हो जाएंगे और राज्यपाल प्रशासन इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होगा।

गौरतलब है कि ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी असगर हसन सामून ने पहली अगस्त को एसआरओ-492 जारी करते हुए यह निर्देश जारी किए थे कि दो अगस्त से नए कमर्शियल और नान कमर्शियल वाहन खरीदने वाले वाहन मालिकों से कुल वाहन की कीमत पर 9 प्रतिशत और 10 प्रतिशत वन टाइम टैक्स वसूला जाएगा।

Posted By: Rahul Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप