जागरण संवाददाता, जम्मू : पिछले तीन दिन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से कश्मीर जाने वाले यात्री जम्मू में फंस कर रह गए हैं। यात्रियों के साथ-साथ जम्मू श्रीनगर रूट पर चलने वाले वाले वाहन चालकों को चिता सताने लगी है। हर कोई जल्द मौसम ठीक होने और राष्ट्रीय राजमार्ग खुलने के लिए दुआ कर रहा है। यात्रियों को परेशानी न हो, इसे देखते हुए क्षेत्रीय लोगों और बस स्टैंड के दुकानदारों का सहयोग डूबते को तिनके का सहारा जैसा साबित हो रहा है।

हैदराबाद निवासी अल्ताफ ने बताया कि वह अपने साथियों सहित घूमने के लिए श्रीनगर जा रहे हैं। वर्षो से ख्वाहिश थी कि बर्फ से ढके कश्मीर को देख सकूं। पिछले दिनों जब बर्फबारी हुई थी तो कश्मीर जाने का पक्का मन बना लिया था। पिछले दिनों मौसम विभाग की जानकारी को देखते हुए हैदराबाद से जम्मू पहुंच गए हैं। पिछले तीन दिनों से जम्मू में फंसे हुए हैं। हालांकि जम्मू में भी घूम रहे हैं लेकिन जल्द कश्मीर पहुंचना चाहते हैं। अब तो बस इसी इंतजार में हैं कि कब राष्ट्रीय राजमार्ग खुले और कश्मीर के मौसम का लुत्फ उठाया जाए। जीवन में पहली बार बर्फबारी देखनी है। इसके लिए कुछ दिन गुलमर्ग और पहलगाम में भी रुकने की योजना है।

वहीं, गाड़ी के ड्राइवर निसार को यह चिता सता रही है कि अगर इसी तरह यहां फंसे रहे तो गाड़ी की किस्त का भुगतान कहां से होगा। उन्होंने कहा कि अक्सर कश्मीर के रास्ते बंद ही रहते हैं। पहले हड़ताल, बंद परेशान करते रहे हैं और अब मौसम साथ नहीं दे रहा। आगे भी अगर ऐसा ही रहा तो गुजारा कैसे होगा यही चिता सता रही है। दुकानदार ने खिलाई रोटी

मोहम्मद नासिर का कहना है कि वह कश्मीर से इतने ही पैसे लेकर निकला था कि यहां अपना काम करके निकल जाऊंगा। अब तीन दिन से यहां फंसा हुआ हूं। अब तो पैसे भी नहीं रहे। शनिवार को बस स्टैंड के एक दुकानदार ने रोटी खिला दी है। कल भी अगर रास्ता नहीं खुला तो परेशानियां और बढ़ जाएंगी।

वहीं स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि जब भी राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होता है, उनकी कोशिश होती है कि फंसे यात्रियों के लिए लंगर लगा दिया जाए। इस बार पार्किग निर्माण कार्य के चलते उनका व्यवसाय भी ठप है। फिर भी कोशिश है कि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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