जम्मू, जेएनएन। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चीफ यासीन मलिक को टाडा कोर्ट ने पेश करने के आदेश दिए हैं। दिल्ली की तिहाड़ जेल के प्रभारी को यासीन मलिक को 11 सितंबर को टाडा कोर्ट में पेश करना होगा। कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान मलिक को पेश करने के आदेश दिए थे, लेकिन सीबीआइ ने समय की कमी बताते हुए गुरुवार को उसे पेश करने में असमर्थता जताई थी।

जम्मू कश्मीर की टाडा कोर्ट में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं तत्कालीन गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सैयद की बेटी रुबिया सैयद के अपहरण तथा वायुसेना के पांच अधिकारियों की हत्या के मामले की सुनवाई चल रही है। रुबिया सैयद अपहरण मामले में सीबीआइ के चालान के मुताबिक, श्रीनगर के सदर पुलिस स्टेशन में आठ दिसंबर 1989 को रिपोर्ट दर्ज हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, रुबिया सैयद मिनी बस में ललदद अस्पताल श्रीनगर से नौगाम स्थित अपने घर जा रही थी। इसी दौरान कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने उसका अपहरण कर किया। सीबीआइ ने जांच पूरी करने के बाद 18 सितंबर 1990 को जम्मू की टाडा कोर्ट में आरोपितों के खिलाफ चालान पेश किया।

सीबीआइ के दूसरे चालान के मुताबिक, 25 जनवरी 1990 की सुबह करीब साढ़े सात बजे रावलपोरा में किराये पर रह रहे एयरफोर्स अधिकारी सनत नगर क्रॉसिंग पर खड़े थे। इस दौरान आतंकवादियों ने उनपर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। इसमें एक महिला सहित करीब 49 एयरफोर्स अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दो अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने बाद में दम तोड़ दिया। सीबीआइ ने जांच पूरी करने के बाद यासीन मलिक व अन्य के खिलाफ टाडा कोर्ट जम्मू में चालान पेश किया था। 

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Posted By: Preeti jha

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