श्रीनगर, जेएनएन : कश्मीर में पत्रकारों को आतंकी धमकी के मामले में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। वीरवार को पुलिस ने तीन जिलों में छापेमारी कर संपादक, तीन पत्रकारों के अलावा वकील और ब्लागर के घरों व कार्यालय को खंगाला। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटाप, पेनड्राइव, सिमकार्ड, जिहादी साहित्य, बैंक दस्तावेज, खिलौना बंदूक, अमेरिकी और रूसी करंसी नोट भी जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक जिन लोगों के घरों में तलाशी ली उन्हें पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया जाता रहा है।

बता दें कि आतंकी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का आनलाइन मुखपत्र कहे जाने वाले कश्मीर फाइटस पर बीते दिनों कश्मीर में सक्रिय कई पत्रकारों को सुरक्षाबलों का मुखबिर करार देते हुए कश्मीरियों का दुश्मन बताया था। आतंकी संगठन ने पत्रकारों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। इसके बाद पांच पत्रकारों ने डर कर नौकरी और पत्रकारिता से नाता तोड़ने का भी एलान कर दिया था।

संबंधित पुलिस अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर, पुलवामा और बड़गाम में सात जगहों पर तलाशी ली गई है। श्रीनगर में एचआइजी कालोनी बेमिना स्थित डा आसिफ मकबूल डार के मकान की तलाशी ली है। आसिफ मकबूल डार ब्लागर है। उसके खिलाफ कोठीबाग पुलिस स्टेशन में पहले भी टारगेट किलिंग की साजिश के संदर्भ में मामला दर्ज है। वह सऊदी अरब या फिर पाकिस्तान में छिपा हुआ है। इसके अलावा श्रीनगर के बड़शाह मोहल्ला में शौकत अहमद मोटा, लाल बाजार में साकिब मुगलू और नौगाम में स्थत एडवोकेट खाकसार नदीब अदनान के अलावा अखबार के कार्यालय की भी तलाशी ली है। बड़गाम के पोषकर खाग में इश्फाक अहमद रेशी के घर के अलावा पांपोर, पुलवामा स्थित हाजी हयात के घर को भी खंगाला है।

शौकत मोटा, साकिब मुगलु और इश्फाक रेशी पत्रकार हैं। हाजी हयात एक अखबार का मालिक और संपादक है। हाजी से पहले आतंकी फंडिंग के सिलसिले में एनआइए भी पूछताछ कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान जब्त किए गए डिजिटल उपकरण, बैंक दस्तावेज व कुछ अन्य कागजातों की जांच की जा रही है। पुलिस कुछ दिन पूर्व एक दर्जन लोगों के ठिकानों की तलाशी ली थी।

Edited By: Rahul Sharma

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