संवाद सहयोगी, मीरां साहिब : क्षेत्र में बुधवार को हुई बारिश के कारण किसानों की धान की फसल में काफी जान आ गई है और बारिश ने धान की फसल पर टानिक का काम किया है। बारिश के बाद एक बार फिर किसान अपनी धान की फसल को रोपाई में जुट गए हैं। क्षेत्र के किसान धर्मपाल, किशोर कुमार, अशोक कुमार, सतपाल, राकेश कुमार व संजीव कुमार आदि का कहना है कि बुधवार को अच्छी बारिश हुई और जो किसान अभी तक अपनी धान की फसल को नहीं लगा पाए थे, वे अब अपनी फसल को लगाने में जुट गए हैं। किसानों का कहना है कि सावन का महीना चल रहा है और अक्सर पहले इस महीने तक काफी बारिश हो जाया करती थी, मगर इस बार पहली बार ऐसा हुआ है कि जितनी पहले बारिश हुआ करती थी, इतनी बारिश नहीं हुई है। इस कारण किसानों की धान की फसल समय पर नहीं लग पाई। फिर भी जो भी बारिश हुई है उससे अब जिन किसानों के खेतों नहरी पानी नहीं पहुंचता था और बारिश के पानी पर ही निर्भर थे, कुछ हद तक उनके खेत भी पानी से तर हो चुके हैं और फसल लगाने के लिए किसान जुट गए हैं। किसानों ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है और भगवान इंदर देव से प्रार्थना कर रहे हैं कि अगले कुछ दिनों के दौरान थोड़ी और बारिश हो जाए तो उनकी फसल की सिचाई ठीक तरीके से हो जाएगी। जम्मू कश्मीर किसान तहरीक संगठन के प्रदेश प्रधान किशोर शर्मा का कहना है कि अभी भी किसानों को नहरी पानी की सख्त जरूरत है लेकिन नहर में पानी कम मात्रा में आ रहा है। संबंधित विभाग को इस पर ध्यान देना चाहिए और नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ना चाहिए ताकि जो किसान नहरी पानी पर निर्भर होकर अपनी फसल लगाते हैं उनकी फसल भी लग सके। उन्होंने कहा कि अगर पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं छोड़ा गया तो संगठन के लोग सड़क पर उतर कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे।

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