जम्मू-कश्मीर में NC के लिए अगले 3 दिन भारी, विधायकों की नाराजगी और बागी सांसद रुहुल्ला के इस्तीफ के एलान ने बढ़ाई चुनौती
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में असंतोष बढ़ गया है, जिससे पार्टी नेतृत्व नाराज विधायकों ...और पढ़ें
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जम्मू-कश्मीर में NC के लिए अगले 3 दिन भारी। फाइल फोटो
HighLights
मंत्रिमंडल विस्तार से नेकां में 21 विधायक नाराज।
नाराज विधायकों ने फारूक अब्दुल्ला को ज्ञापन भेजा।
आगा रुहुल्ला की रैली से पहले पार्टी में बेचैनी।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में उभरी नाराजगी को दूर करने के लिए पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है। असंतुष्ट विधायकों से विभिन्न स्तरों पर संपर्क और संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि उन्हें पार्टी में बनाए रखते हुए अंदरूनी असंतोष को बढ़ने से रोका जा सके।
हालांकि, नाराज विधायकों में से किसी ने भी बागी सांसद आगा सैयद रुहुल्ला के साथ जाने का संकेत नहीं दिया है, लेकिन पार्टी नेतृत्व इस आशंका को नजरअंदाज नहीं करना चाहता। ऐसे में अगले तीन दिन नेकां के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। रुहुल्ला तीन नवंबर को बड़गाम में रैली करने जा रहे हैं।
उन्होंने इस रैली में पार्टी और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफे की घोषणा कर रखी है। इस बीच, असंतुष्ट विधायकों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन वाट्सएप के माध्यम से पार्टी अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला को भेजा है।
सीएम उमर ने चार मंत्रियों को किया था शामिल
उमर ने 27 अक्टूबर को मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए एक मंत्री को हटाकर चार नए मंत्रियों को शामिल किया था। इस विस्तार से उन विधायकों में नाराजगी पैदा हो गई, जो मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे थे। कुछ विधायकों ने अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के फैसले पर सवाल उठाए। उनके समर्थकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ प्रदर्शन भी किए और कुछ ने आत्मदाह तक की धमकी दी।
मंत्रिमंडल विस्तार से नाराज 21 विधायकों ने गत शुक्रवार को विधायक कैसर जमशेद लोन के निवास पर बैठक की थी। बैठक में पूर्व मंत्री नजीर अहमद गुरेजी के नेतृत्व में एक समिति गठित की गई, जिसे पार्टी नेतृत्व से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विधायकों ने एक मांगपत्र भी तैयार किया है। इसमें पूरी कैबिनेट की नए सिरे से समीक्षा करने और दो वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके सभी मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी तथा पार्टी कोषाध्यक्ष शम्मी ओबराय को हटाने की मांग की गई है।
विधायकों पर छोड़ा था अंतिम निर्णय
कृषि मंत्री एवं नेकां के वरिष्ठ नेता जावेद अहमद डार ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के किसी फैसले से नाराज होना और पार्टी छोड़ना दो अलग-अलग बातें हैं। मंत्रिमंडल विस्तार या किसी अन्य मुद्दे पर असहमति जताने वाले विधायक पार्टी नहीं छोड़ रहे, बल्कि अपनी बात रख रहे हैं। पार्टी नेतृत्व उनकी शिकायतें सुनेगा।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार का अंतिम निर्णय विधायकों ने मुख्यमंत्री पर छोड़ा था। बता दें कि 90 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेशनल कान्फ्रेंस के 41 विधायक हैं। सरकार को कांग्रेस के छह और पांच निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।
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