जम्मू, राज्य ब्यूरो । प्रदेश भाजपा ने मंगलवार को जम्मू में काेर ग्रुप की बैठक में प्रदेश सचिव विक्रम रंधावा के प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डाॅ. जितेन्द्र सिंह पर आरोप लगाने से उपजे हालात पर विचार विमर्श किया। रंधावा ने मोदी मंत्रिमंडल में जम्मू कश्मीर का नेतृत्व करने वाले डाॅ जितेन्द्र सिंह पर आरोप लगाकर पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने भी इस मामले में अपने वकील के माध्यम से रंधावा को नोटिस भिजवाया है कि अगर वह निराधार आरोप लगाने के लिए माफी नही मांगते हैं तो उनके खिलाफ एक करोड़ रूपये की मानहानि का केस किया जाएगा। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने के लिए अपनी सियासत तेज कर दी है। ऐसे हालात में मंगलवार को जम्मू में हुई कोर ग्रुप की बैठक में इस मामले में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।

प्रदेश भाजपा रंधावा द्वारा की गई कार्रवाई से नाराज है। वह यह मामला पार्टी से उठाने के बजाए सीधे मीडिया में चले गए। पार्टी मुख्यालय में दोपहर को हुई कोर ग्रुप की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र रैना, संगठन महामंत्री अशोक कौल, सांसद जुगल किशोर शर्मा, पूर्व उपमुख्यमंत्री कविन्द्र गुप्ता व अन्य कुछ वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने हालात पर चर्चा की। पार्टी ने विक्रम रंधावा को लगाए गए आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए 5 मई तक का समय दिया है। ऐसे में पार्टी नेताओं ने उम्मीद जताई कि रंधावा पेश होकर स्थिति स्पष्ट करेंगे।

रंधावा का कहना है कि डा जितेन्द्र सिंह से उनकी कोई अनबन नही है

जम्मू, भाजपा की अनुशासन समिति द्वारा दिए गए नोटिस का जवाब देने के लिए पूर्व एमएलसी विक्रम रंधावा बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र रैना के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे।विक्रम रंधावा ने जागरण को बताया कि वह 26 सालों से भाजपा के सिपाही की तरह काम करते आए हैं। रंधावा ने कहा कि उन्होंने जम्मू कश्मीर में खनन में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया है। ऐसे में उठाए गए मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए वह बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष से मिलेंगे। अलबत्ता रंधावा का कहना है कि डा जितेन्द्र सिंह से उनकी कोई अनबन नही है।

सोमवार को रंधावा के डा जितेन्द्र सिंह पर आरोप लगाने के बाद पार्टी की तीन सदस्यीय अनुशासन समिति ने उन्हें अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, पार्टी के जिम्मेवार नेता पर आरोप लगाने के मामले में नोटिस जारी कर दो दिनों के अंदर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था।