राज्य ब्यूरो, जम्मू : कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे संदिग्धों की संख्या को देखते हुए सरकार कोई चूक नहीं चाहती। यही कारण है कि केंद्र सरकार हर प्रकार के प्रबंध करने में जुटी हुई है। वीरवार को सरकार ने कहा कि अगर निकट भविष्य में यह वायरस फैलता है और संक्रमितों की संख्या अधिक होती है तो स्वयंसेवक डॉक्टर सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशिक्षण अस्पतालों में अपनी सेवाएं प्रदान करें।

केंद्र ने सेवानिवृत्त सरकारी, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम या निजी डॉक्टरों से अपील की है कि वे इस संकट की घड़ी में आगे आएं। जो लोग इसमें योगदान करना चाहते हैं और इस अच्छे मिशन का हिस्सा हैं, वे अपना पंजीकरण करा सकते हैं। राज्य स्वास्थ्य सोसायटी, जेएंडके ने नेशनल हेल्थ मिशन के तहत विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों (एमबीबीएस) की भर्ती के लिए भी बुलाया है। योग्य उम्मीदवार किसी भी दिन स्टेट हेल्थ सोसाइटी, जम्मू संभाग के उम्मीदवारों के लिए नगरोटा जम्मू और एनएचएम कार्यालय, कश्मीर संभाग के उम्मीदवारों के लिए पुराने सचिवालय में वाक इन इंटरव्यू के लिए आ सकते हैं।

उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए आने से पहले अपने स्लॉट बुक करने के लिए 9419174640 (जम्मू संभाग) और 7780966151 (कश्मीर संभाग) पर कॉल कर सकते हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में रहें और पूरी ईमानदारी के साथ लॉकडाउन का पालन करें क्योंकि कुछ लोगों की लापरवाही से अन्य सभी लोग गंभीर खतरे में पड़ सकते हैं। सरकार के सलाहकार ने कहा कि लॉकडाउन के आदेशों का उल्लंघन करने वाले को महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जो भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 188 के अनुसार सजा हो सकती है।, सरकार ने लोगों से घबराने नहीं और स्वास्थ्य का ध्यान रखने और दूसरों की सुरक्षा करने की अपील की है। जनता को अनावश्यक यात्र और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग से बचने की सलाह दी गई है। लोगों को अफवाहें फैलाने से रोकने और साथ ही इन पर कोई भी ध्यान न देने की सलाह दी गई है।

अधूरे लॉकडाउन से कोरोना वायरस से लड़ नहीं सकते: राजीव गाबा

कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस को आगे बढ़ने से रोकने के लिए लॉकडाउन को पूरी तरह प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। जम्मू कश्मीर के मुख्यसचिव बीवीआर सुब्रहमण्यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग में कैबिनेट सचिव ने कहा कि अधूरे लॉकडाउन से समस्या हल नहीं होगी। यह सुनिश्चित किया जाए कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को जरूरी सामान व सेवाएं उपलब्ध करवाने के अभियान में कोई बाधा न आए। वीडियो कांफ्रेंसिंग में कैबिनेट सचिव के साथ केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला व स्वास्थ्य मंत्रलय की सचिव प्रीति सूदन भी मौजूद थीं। कैबिनेट सचिव ने लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी जानकारी ली। डीजीपी दिलबाग सिंह, वित्त आयुक्त स्वास्थ्य अटल डुल्लू, गृह विभाग के प्रमुख सचिव शालीन काबरा, योजना विभाग के प्रमुख सचिव रोहित कंसल, उद्योग विभाग के आयुक्त सचिव मनोज द्विवेदी, आइजी मुकेश सिंह, खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव सिमरणदीप सिंह व जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे। कैबिनेट सचिव ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों में कम से कम एक अस्पताल को पूरी तरह कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए तैयार रखा जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद मुख्य सचिव ने जोर दिया कि लॉकडाउन के दौरान जरूरी चीजों की आपूर्ति सामान्य रहे। उन्होंने चीफ सेक्रेटरी से भी कहा कि राज्य पथ परिवहन निगम की बसों, अस्पतालों व सार्वजनिक स्थलों को लगातार सैनिटाइज किया जाए।

Posted By: Rahul Sharma

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