जम्मू, दिनेश महाजन: कोरोना काॅल में यहां लोगों के लिए खुद की जान बचाना तक मुश्किल हो गया है। ऐसी स्थिति के बावजूद मवेशी तस्कर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। जम्मू से चोरी छुपे मवेशियों को तस्करी के लिए कश्मीर घाटी ले जाना का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हालांकि जम्मू विशेष विशेष कर सब डिवीजन नगरोटा (झज्जरकोटली और नगरोटा पुलिस थाना क्षेत्र) में पुलिस ने मवेशी तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।

बावजूद इसके बेपरवाह मवेशी तस्कर इस काम से बाज नहीं आ रहे। सब डिवीजन नगरोटा जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आता है। ऐसे में जम्मू से कश्मीर जाने वाले वाहनों पर पुलिस ने पैनी नजर रखी हुई है। यही कारण है कि मात्र पांच माह में सब डिवीजन नगरोटा में मवेशी तस्करी के 151 मामले दर्ज कर पुलिस ने मवेशी तस्करी के आरोप में 168 लोगों को गिरफ्तार किया और 1362 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त करवाया।

मवेशी तस्करी पर कमजोर कानून का लाभ उठाते है मवेशी तस्कर: मवेशी तस्करी हालांकि धर्म विशेष की आस्था से जुड़ा हुआ मामला है। बावजूद इसके प्रशासन पर मवेशी तस्करी को रोकने के लिए कोई ठोस कानून नहीं बनाया है। कानून की कमजोरी का लाभ उठा कर तस्कर आसानी से छूट जाते है और फिर से मवेशी तस्करी में सक्रिय हो जाते है। मवेशी तस्करी के आरोप में पकड़े गए लोगों पर सीआरपीसी की धारा 188 यानि जिला आयुक्त के आदेश का पालन ना करने और मवेशियों से क्रूरता करने का मामला दर्ज किया जाता है। इन दोनों मामलों के आरोपितों को आसानी से जमानत मिल जाती है।

पीएसए लगाने की कवायद: सब डिवीजनल पुलिस आफिसर नगरोटा परोपार सिंह के अनुसार मवेशी तस्करी के आरोप में पकड़े जाने वाले लोगों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने बार बार पकड़े जाने वाले लोगों की आपराधिक रिकार्ड एकत्रित कर उनपर पीएसए लगाने की कवायद शुरू कर दी है।

एक जनवरी 2021 से अब तक सब डिवीजन नगरोटा में मवेशी तस्करों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई

  • मामले दर्ज : 151
  • तस्करी के आरोप में गिरफ्तार : 168
  • मवेशियों को करवाया रिहा : 1362 

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