श्रीनगर, जागरण ब्यूरो। कश्मीर में अन्य राज्यों के श्रमिकों को निशाना बनाने की अपनी साजिश को जारी रखते हुए आतंकियों ने शनिवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में बिहार के दो श्रमिकों पर गोलियां बरसाई। दोनों श्रमिक हमले में गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में नाकेबंदी कर,आतंकियों की धरपकड़ के लिए एक तलाशी अभियान चला रखा है। इस हमले को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित कश्मीर दौरे से पहले वादी में हालात बिगाड़ने की आतंकी साजिश का एक हिस्सा माना जा रहा है। गृहमंत्री अमित शाह 30 सितंबर को प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वह दो अक्टूबर को बारामुला में एक रैली को भी संबोधित करेंगे।

पुलवामा से मिली जानकारी के अनुसार, आज शाम करीब छह बजे के करीब रत्नीपोरा के साथ सटे खरबतपोरा में बेतिया बिहार के रहने वाले दो श्रमिक शमशाद पुत्र इस्लाम शेख और फैजान पुत्र फारूक कादरी अपने डेरे की तरफ लौट रहे थे। रास्ते में एक जगह जहां घने पेड़ों के पास आतंिकयों ने उन्हें रोका। आतंकियों को देखते ही दोनों श्रमिकों ने अपनी जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया। आतंकियों ने उन पर अपने पिस्तौल से फायरिंग की। दोनों श्रमिक गोली लगते ही जमीन पर गिर पड़े और आतंकी उन्हें मरा समझ वहां से भाग निकले।

गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीण व निकटवर्ती इलाके में गश्त कर रहे सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल पड़े दोनों श्रमिकों को उठाया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। शमशाद की गर्दन के पिछले हिस्से में जबकि फैजान को दाएं कंधे पर गोली लगी है। डाक्टरों के मुताबिक, दोनों की हालत खतरे से बाहर है। इस बीच, पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर खरबतपोरा और उसके साथ सटे इलाकों की घेराबंदी कर हमलावर आतंकियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान चलाया। हमले में लिप्त आतंकियों का देर रात गए इस खबर के लिखे जाने तक कोई सुराग नहीं मिला था।

Edited By: Vikas Abrol

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