किश्तवाड़, संवाद सहयोगी  : दक्षिणी इलाके में आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा के हत्यारों के छिपे होने की आशंका पर सुरक्षाबलों ने चार दिनों तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगे। इस तरह एक बार फिर सुरक्षाबलों के हाथ से चंद्रकांत के हत्यारे निकलने में सफल रहे।

कयास लगाए जा रहे थे कि कुछ आतंकी सुरक्षाबलों के घेरे में हैं। यह वही आतंकी हो सकते हैं, जिन्होंने आरएसएस नेता की हत्या की थी या फिर इलाके में सक्रिय सबसे पुराने आतंकी मुहम्मद अमीन उर्फ जहांगीर सरूरी और उसका साथी रियाज हो सकता है। चार दिन तक तलाशी अभियान चला, लेकिन सुरक्षाबलों के हाथ कुछ नहीं लगने पर रविवार को इसे बंद कर दिया गया। जब सर्च ऑपरेशन चला तो लोगों को उम्मीद जगी थी कि हो सकता है कि सुरक्षाबलों के हाथ चंद्रकांत शर्मा के हत्यारे लग जाएं, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों ने इलाके में अपनी घेराबंदी कम नहीं की है। उन्हें उम्मीद है कि कहीं न कहीं कोई आतंकी उनके हाथ लग जाएगा। अभी भी सुरक्षाबल गांवों और जंगलों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।

गौरतलब है कि आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा की 9 अप्रैल को आतंकियों ने अस्पताल में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके पांच माह पूर्व नवंबर 2018 में भाजपा नेता अनिल परिहार व उसके भाई अजीत परिहार की आतंकियों ने हत्या कर दी थी। अभी तक उसके हत्यारे पकड़ में नहीं आ पाए हैं।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस