यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Terror Funding Case: NIA का बड़ा खुलासा, HM आतंकी नवीद बाबू को जानती हैं महबूबा, फोन पर कर चुकी हैं बात
Terror Funding Case अधिकारी ने कहा कि जब व इस मामले की जांच कर रहे थे तो उसी दौरान यह ...और पढ़ें

श्रीनगर, जेएनएन। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती गिरफ्तार हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी नवीद बाबू को जानती थी। यही नहीं वह उससे एक बार फोन पर बात भी कर चुकी हैं। यह बड़ा खुलासा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने किया है। टेरर फंडिंग मामले की जांच कर रही एनआइए टीम ने पीडीपी युवा इकाई के प्रधान वहीद-उर-रहमान पारा के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दायर करते हुए यह दावा किया कि 11 जनवरी 2020 को निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह के साथ गिरफ्तार आतंकी नवीद और महबूबा के बीच फोन पर बातचीत हो चुकी है।
एनआइए ने एक अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए डीएसपी दविंदर सिंह और एचएम आतंकवादी नवीद बाबू मामले में पूर्व मुख्यमंत्री का नाम सामने आया है। एनआइए ने गिरफ्तार पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के युवा विंग के प्रधान वहीद-उर-रहमान पारा सहित तीन लोगों के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र दायर किया है, जिन्होंने कथित तौर पर इस मामले के सिलसिले में हिजबुल मुजाहिदीन के लिए एक फाइनेंसर के रूप में काम किया था।
अधिकारी ने कहा कि जब व इस मामले की जांच कर रहे थे तो उसी दौरान यह बात भी सामने आई कि महबूबा मुफ्ती भी हिजबुल आतंकी नवीद बाबू को जानती थी और उससे एक बार बात भी कर चुकी हैं। आपको बता दें कि अपनी जांच रिपोर्ट में एनआइए पहले ही यह खुलावा कर चुकी है कि पीडीपी युवा नेता वहीद पारा ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहीन को हथियार खरीदने के लिए दस लाख रुपये दिए थे। यह राशि देते हुए उसने यह शर्त भी रखी थी कि महबूबा मुफ्ती की अगुवाई में चुनावी मैदान में उतरने वाले उनकी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को आतंकी संगठन कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
जांच में पाया गया कि पारा, दविंदर सिंह जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक-अलगाववादी-आतंकवादी सांठगांठ को बनाए रखने में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी था। पारा दक्षिण कश्मीर में पीडीपी के पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था, खासकर आतंकवादग्रस्त जिला पुलवामा में। पारा के अलावा एनआइए इसी मामले में दो अन्य शाहीन अहमद लोन और तफजुल हुसैन परिमू का नाम भी लिया है।
आपको बता दें कि निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह इस समय जम्मू संभाग के जिला कठुआ में हीरानगर जेल में बंद हैं। उसे जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 11 जनवरी 2020 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों नवीद बाबू और रफी अहमद राथर समेत वकील इरफान शफी मीर के साथ गिरफ्तार किया था। वह जम्मू की ओर आ रहे थे।
प्राथमिक जांच में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उस दौरान यह खुलासा किया था कि ये दोनों आतंकवादी बार्डर पार कर पाकिस्तान जाने की फिराक में थे। डीएसपी उन्हें जम्मू तक पहुंचाने में मदद कर रहा था। बाद में यह जांच एनआइए को सौंप दी गई।
महबूबा मुफ्ती को हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के लिए बुलाया था।
