श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। पुलवामा में सोमवार को दो आतंकियों और एक पत्थरबाज की मौत पर अफसोस जताते हुए अलगाववादी संगठनों के साझा मंच ज्वायंट रजिस्टेंस लीडरशिप जेआरएल ने मंगलवार पहली मई को कश्मीर बंद का आहवान किया है।

गौरतलब है कि कटटरपंथी सईद अली शाह गिलानी, उदारवादी हुर्रियत प्रमुख मीरवाईज मौलवी उमर फारुक और जेकेएलएफ चेयरमैन मोहम्मद यासीन मलिक के नेतृत्व मे हुर्रियत समेत कश्मीर के विभिन्न अलगाववादी संगठनों ने अपने भारत विराेधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 2016 से जेआरएल बना रखी है। जेआरएल के बैनर तले ही बंद और हड़ताल का आयोजन किया जा रहा है।

मोहम्मद यासीन मलिक ने जेआरएल के तरफ से एक बयान जारी करते हुए कहा कि पुलवामा में आज छात्र शाहिद के अलावा हमारे दो और नौजवान भी भारतीय फौज की गोली से मारे गए हैं। 50 से ज्यादा लोगों को भारतीय सुरक्षाबलों ने जख्मी किया है,जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा जम्मू कश्मीर मे जारी रखे गए कथित जुल्म और पुलवामा मे आज हुई मौतों के खिलाफ पहली मई को कश्मीर बंद का आहवान किया गया है।

अलगाववादी खेमे ने बंद को कामयाब बनाने की अपील करते हुए कहा कि एक बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि कश्मीरी फौजी ताकत के आगे नहीं झ़़ुकेगा और वह अपना हक ए आजादी व हक ए खुद मुख्तार के लिए अपनी जददोजहद जारी रखेगा।  

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