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'एक तरफ चीन का दबाव, दूसरी ओर अपने ही...', लद्दाख के मुद्दों पर केंद्र के साथ बैठक रद होने पर छलका सोनम वांगचुक का दर्द

Published: Thu, 22 Oct 2026 03:56 PM (GMT+05:30)

लद्दाख के मुद्दों पर केंद्र के साथ दिल्ली में होने वाली बैठक रद होने पर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने भाजपा सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप लगाया है।

सोनम वांगचुक ने दिल्ली में की प्रेस कॉन्फ्रेंस (जागरण फोटो)

सोनम वांगचुक ने दिल्ली में की प्रेस कॉन्फ्रेंस (जागरण फोटो)

HighLights

  1. केंद्र के साथ लद्दाख मुद्दों पर बैठक रद्द हुई

  2. सोनम वांगचुक ने सरकार पर वादे तोड़ने का आरोप लगाया

  3. लद्दाख के लोगों की उम्मीदें बार-बार तोड़ी गईं

डिजिटल डेस्क, जम्मू। लद्दाख के मुद्दों को लेकर केंद्र के साथ नई दिल्ली में गुरुवार को होने वाली बैठक रद हो गई है। इसे लेकर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने भाजपा सरकार पर अपने वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया है। वांगचुक ने बताया कि वे बातचीत की उम्मीद में दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बताया गया कि बातचीत नहीं हो रही है।

सोनम वांगचुक ने दिल्ली आते समय एक वीडियो में बताया कि एक तरफ चीन दबाव बना रहा है। वे लद्दाख को मान्यता ही नहीं देते और कहते हैं कि लद्दाख चीन का हिस्सा है।

वहीं, दूसरी ओर जिस देश से हम प्यार करते हैं, वह हमारे साथ अच्छा बर्ताव नहीं कर रहा है। वे अपने हर वादे से इस हद तक पीछे हट रहे हैं कि लद्दाख के लोगों को बाकी देश के लोगों के बराबर का दर्जा भी नहीं दे रहे हैं।

नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत छह महीने तक जेल में रहे वांगचुक ने एक वीडियो बयान में कहा कि सबसे पहले, मैं आपको बताना चाहता हूं कि 15 अक्टूबर को लेह में हुई बातचीत पूरी तरह विफल रही। इसका कोई नतीजा नहीं निकला क्योंकि केंद्र सरकार अपने वादों से पीछे हट गई।

बातचीत का नहीं निकला कोई समाधान

पर्यावरणविद ने कहा कि फिर उन्होंने कहा कि वे 22 अक्टूबर को दिल्ली में फिर से बातचीत करेंगे। इसलिए मैंने अपनी टिकटें बुक कर लीं। लेकिन अब बताया जा रहा है कि बातचीत नहीं हो रही है।

15 अक्टूबर को गृह मंत्रालय के अधिकारियों और लद्दाख के नेताओं के बीच हुई बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका, जबकि इससे पहले 22 मई को हुई एक बैठक में दोनों पक्ष कुछ अहम बिंदुओं पर सहमत हो गए थे।


गृह मंत्रालय ने ही 22 अक्टूबर को एक और बैठक का प्रस्ताव रखा और हमसे दिल्ली आने को कहा, यह कहते हुए कि वे गृह मंत्रालय में बैठक का इंतजाम करेंगे। इसके अनुसार, हमने अपनी सारी योजनाएं बनाईं और 22 अक्टूबर के लिए दिल्ली के टिकट बुक किए। मैं आज, 22 अक्टूबर को यहां पहुंच गया हूं, लेकिन अब हमें बताया जा रहा है कि किसी को भी इस बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हम आमतौर पर पहले से योजना बनाते हैं और उसी के हिसाब से अपनी तैयारियां करते हैं। दुर्भाग्य से, लद्दाख के लोगों की उम्मीदों और अपेक्षाओं को बार-बार तोड़ा गया है, जबकि उनसे कई मुद्दों पर वादे किए गए थे। -सोनम वांगचुक, पर्यावरणविद और शिक्षाविद

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