पूर्ण राज्य की मांग के बीच सोनम वांगचुक ने स्थगित की पदयात्रा, बोले- 'राजनीतिक माहौल गरमा रहा है'
सोनम वांगचुक ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर अपनी 6 दिवसीय पदयात्रा रद्द कर दी है।
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सोनम वांगचुक ने रद्द की 6 दिवसीय लद्दाख पदयात्रा।
HighLights
सोनम वांगचुक ने 6 दिवसीय लद्दाख पदयात्रा रद्द की
खराब मौसम और राजनीतिक माहौल गरमाने को बताया कारण
अब 23 सितंबर को एक दिवसीय सांकेतिक पदयात्रा करेंगे
डिजिटल डेस्क, जम्मू। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी घोषित 6 दिवसीय पदयात्रा रद्द कर दी है।
दरअसल, 9 सितंबर को गृह मंत्रालय की सब-कमेटी के साथ हुई बातचीत के बाद लद्दाख के प्रतिनिधि संगठनों ने बैठक में ठोस प्रगति नहीं होने पर निराशा जताई। इसके बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता है तो 19 से 23 सितंबर तक पदयात्रा की जाएगी।
इस 6 दिवसीय पदयात्रा में लद्दाख के पूर्ण राज्य के दर्जे वाली बात को उठाया जाएगा। मगर अब एक नए पोस्ट के जरिए सोनम ने साफ कर दिया है कि अब वो ये यात्रा नहीं कर रहे हैं। इसके पीछे की वजह भी उन्होंने बताई है।
सोनम ने क्यों बदला पदयात्रा का फैसला?
सोनम ने पहले पदयात्रा को 6 दिवसीय बताया और 19 से 23 सितंबर तक पदयात्रा करने की बात कही। हालांकि अब उन्होंने एक्स पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने जो पदयात्रा करने का ऐलान किया था अब वो उसे कैंसिल कर रहे हैं।
इसके पीछे उन्होंने वजह बताते हुए कहा कि खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए। ठंड के अधिक बढ़ने की वजह से और पॉलिटिकल मामलों के अधिक गरमाने की वजह से वो इस पदयात्रा को नहीं कर रहे हैं।
अब एक दिन सांकेतिक पदयात्रा करेंगे सोनम
सोनम वांगचुक ने कहा कि 6 दिवसीय यात्रा को स्थगित करके अब वो सिर्फ एक दिन की सांकेतिक पदयात्रा करने जा रहे हैं। जो 23 तारीख को लेह की तरफ को की जाएगी।
Ladakh Padyatra March
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) September 17, 2026
Due to prevailing weather conditions with cold nights, we’re making it into a symbolic 20 Km march on 23rd Sept. followed by martyrs day event on 24th.
Inconvenience regretted, look forward to joining you & marching together… pic.twitter.com/iq8aRuwh5k
20 किलोमीटर लंबी होगी पदयात्रा
सोनम ने लोगों से अपील की है कि जो लोग इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए निकल चुके हैं वो आएं और लद्दाख की सैर करें। वहीं जो लोग अभी नहीं निकले हैं वो 22 तारीख को यहां पहुंचे। सोनम ने बताया कि ये पदयात्रा 20 किलोमीटर लंबी होगी। जिसके बाद 24 सितंबर को शहीद दिवस का कार्यक्रम होगा।
आप जानते हैं क्या है लद्दाख की चार मांगें?
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा
छठी अनुसूची में शामिल
स्थानीय नौकरियों में सुरक्षा
संसदीय सीटों में बढ़ोतरी
केंद्र शासित प्रदेश और पूर्ण राज्य में क्या अंतर है?
भारत में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (UT) प्रशासनिक और संवैधानिक व्यवस्था के लिहाज से अलग हैं। राज्य का शासन निर्वाचित राज्य सरकार के माध्यम से चलता है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक/उपराज्यपाल के जरिए होता है।
