'मेरा एनकाउंटर होगा...', सोनम वांगचुक ने जताई हत्या की आशंका; लेह हिंसा के लिए अमित शाह को ठहराया जिम्मेदार
पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने लेह हिंसा की पहली बरसी पर केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया।
HighLights
लेह हिंसा की पहली बरसी पर सोनम वांगचुक का संबोधन।
केंद्र सरकार और अमित शाह को हिंसा के लिए ठहराया जिम्मेदार।
वांगचुक ने अपनी जान को खतरा बताया, एनकाउंटर की आशंका।
डिजिटल डेस्क, जम्मू। पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने गुरुवार को लेह हिंसा की पहली बरसी पर लोगों को संबोधित किया। उन्होंने लद्दाख के लोगों के साथ गलत व्यवहार के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि हम अंत तक अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे।
केंद्र पर निशाना साधते हुए वांगचुक ने कहा कि लोग कहते हैं मेरा एनकाउंटर हो सकता है। मैं कहता हूं हो, यह मेरी आखिरी ख्वाहिश है। इससे देश जागेगा।
लेह में हुई हिंसा और नागरिकों की मौत की पहली बरसी पर वांगचुक ने कहा कि कि चीन भी तिब्बतियों के साथ वैसा व्यवहार नहीं करता जैसा नई दिल्ली लद्दाख के लोगों के साथ कर रही है।
लेह हिंसा के लिए अमित शाह जिम्मेदार: वांगचुक
वांगचुक ने दावा किया कि पिछले साल 24 सितंबर को हुई हिंसा सुनियोजित थी और लद्दाख में सांप्रदायिक दंगे भड़काने की कोशिशें की गई थीं। हाल ही में दिल्ली में 'कॉकरोच प्रोटेस्ट' का नेतृत्व करने वाले वांगचुक ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की और उनसे लद्दाख में हुई हिंसा और नागरिकों की मौत की जिम्मेदारी लेने को कहा।
मुझे पता है कि आज बोलने के बाद वे (सरकार) मुझे दबाने की कोशिश करेंगे, उन्होंने पहले भी ऐसा किया है। मुझे जेल भेजा गया था। अब बस एनकाउंटर ही बाकी है। मेरी इच्छा है कि वे मुझे एनकाउंटर में मार दें। एक्सपर्ट्स मुझसे कहते हैं कि तुम्हारा एनकाउंटर हो जाएगा। होने दो, ताकि देश जाग सके।- सोनम वांगचुक, पर्यावरणविद
लेह हिंस का पहली बरसी पर किया संबोधित
सोनम वांगचुक ने कहा कि आज लद्दाख में सैकड़ों लोग उन चार लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए जमा हुए हैं जिनमें एक पूर्व युद्ध नायक भी शामिल थे, जो पिछले साल लेह में विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की फायरिंग में मारे गए थे।
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सभी आरोपियों के खिलाफ मामले वापस
हिंसा के बाद पुलिस ने दंगा करने, सुरक्षा बलों पर हमला करने और सरकारी संपत्ति जलाने के आरोप में दर्जनों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था। पहली बरसी से ठीक पहले लद्दाख के उपराज्यपाल ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामले वापस ले लिए हैं।
वांगचुक ने कहा कि हिंसा एक साजिश थी और लद्दाख में अशांति और सांप्रदायिक दंगे भड़काने की कोशिशों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मांग की कि हिंसा की जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि लोगों को पता चल सके कि 24 सितंबर को हुई हिंसा के पीछे कौन था।
पर्यावरणविद ने कहा कि लद्दाख के हालात के लिए दिल्ली सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उन्होंने हमारे नेताओं से 6वीं अनुसूची और राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। लेकिन बाद में अमित शाह ने लद्दाख को 6वीं अनुसूची देने से साफ इनकार कर दिया।
