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रैगिंग को मजाक समझने की भूल न करें, जम्मू-कश्मीर की घटना ने फिर खड़े किए सवाल; क्या सिर्फ कार्रवाई से खत्म होगा डर?

Published: Sun, 04 Oct 2026 07:15 AM (IST)

स्किम्स में रैगिंग का मामला सामने आना चिंताजनक है, खासकर जब सभी कॉलेज प्रशासन सख्त हैं। संस्थान ने 6 आरोपित ...और पढ़ें

SKIMS की रैगिंग घटना से उठे सवाल। (फाइल फोटो)

SKIMS की रैगिंग घटना से उठे सवाल। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. स्किम्स सौरा में रैगिंग की घटना गंभीर चिंता का विषय।

  2. छह आरोपित छात्रों पर संस्थान द्वारा की गई है कार्रवाई।

  3. प्रभावी रैगिंग विरोधी नियम और सुरक्षित शिकायत प्रणाली आवश्यक।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। शेर-ए-कश्मीर इंस्टीटयूट आफ मेडिकल सांइसेस सौरा में रैंगिग का मामला सामने आना चिंताजनक है। यह सब उस समय हो रहा है जब रैंगिग को लेकर सभी कालेज प्रशासन सख्त हैं और विद्याथियों को भी लगातार जागरूक किया जाता है। कोई भी शैक्षणिक संस्थान हो, वे विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व और भविष्य के निर्माण का केंद्र होता हैं। लेकिन जब इन संस्थानों में रैगिंग जैसी अमानवीय और अपमानजनक घटनाएं सामने आती हैं, तो पूरे शिक्षण वातावरण की गरिमा पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

स्किम्स में रैगिंग की घटना इसी गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करती है। यह देखा गया है कि रैगिंग को अक्सर परिचय या मजाक का नाम देकर सामान्य बनाने की कोशिश की जाती है, लेकिन जब किसी छात्र को डराया, अपमानित, धमकाया या मानसिक अथवा शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, तो वह मजाक नहीं, बल्कि उत्पीड़न है।

विशेष रूप से चिकित्सा संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से समाज संवेदनशीलता, अनुशासन और जिम्मेदारी की अपेक्षा करता है। ऐसे वातावरण में रैगिंग की मौजूदगी और भी चिंताजनक है।

रैगिंग से टूट सकता है नए विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

रैगिंग का सबसे गहरा प्रभाव पीड़ित विद्यार्थी के आत्मविश्वास और मानसिक सुरक्षा पर पड़ सकता है। नया विद्यार्थी पहले ही नए शहर, नए संस्थान और कठिन पाठ्यक्रम के दबाव से गुजर रहा होता है। ऐसे समय में वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा भय का वातावरण बनाया जाना उसके शैक्षणिक जीवन को प्रभावित कर सकता है।

कार्रवाई के बाद भी जरूरी है स्थायी समाधान

यह अच्छा है कि संस्थान ने छह आरोपित विद्यार्थियों पर कार्रवाई की लेकिन इस समस्या का समाधान केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। संस्थान को रैगिंग विरोधी नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ शिकायत की सुरक्षित और गोपनीय व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

शिकायत करने वाले विद्यार्थियों को मिले सुरक्षा का भरोसा

विद्यार्थियों को यह विश्वास होना चाहिए कि शिकायत करने पर उन्हें प्रताड़ना या बदले की कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। शिक्षकों, प्रशासन और छात्र समुदाय तीनों को मिलकर ऐसा वातावरण बनाना होगा जहां वरिष्ठ और कनिष्ठ विद्यार्थी सहयोगी संबंध विकसित कर सकें।

स्किम्स जैसी प्रतिष्ठित संस्था में शिक्षा के साथ अनुशासन और मानवीय मूल्यों की भी रक्षा आवश्यक है। रैगिंग की किसी भी घटना को हल्के में लेना समस्या को बढ़ावा देना है। सख्त नियमों के साथ संवेदनशीलता, जागरूकता और जवाबदेही जरूरी है।