जम्मू, राज्य ब्यूरो : लद्दाख में देश की सांस्कृतिक, धार्मिक परंपरा की प्रतीक सिंधु दर्शन यात्रा रविवार को सिंधु घाट में पूजा, अर्चना के साथ संपन्न हो गई। देश, विदेश से लेह पहुंचे श्रद्धालु सोमवार को लद्दाख की अच्छी यादें लेकर घरों को लौटेंगे।रविवार दोपहर एक बजे लेह के सिंधु, घाट में सैकड़ों श्रद्धालुओ ने स्नान करने के साथ वैदिक मंत्रोचारण के बीच पूजा की। इसके बाद लेह के एनडीएस स्टेडियम में देशभक्ति से ओतप्रोत रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लेह में देर शाम तक चले इस कार्यक्रम के आयोजन के साथ ही 26वीं सिंधु दर्शन यात्रा संपन्न हो गई। सोमवार को यात्रा में हिस्सा लेने वाले श्रद्धालु, सड़क व वायुमार्ग से अपने अपने राज्यों को लौट जाएंगे।

सिंधु दर्शन यात्रा समिति की देखरेखा में यह यात्रा लेह मे 23 जून से आरंभ हुई थी। यात्रा में देश, विदेश के करीब साढ़े तीन हजार यात्रियाें ने हिस्सा लेकर भारतीय संस्कृ़ति में अहम स्थान रखने वाली सिंधु नदी के किनारे पूर्जा, अर्चना की। यात्रा में शामिल होने वालों में यात्रा समिति के संरक्षक इंद्रेश कुमार, स्वामी यतिन्द्रानंद गिरि, मुरलीधर मखीजा, भुपेन्द्र कंसल, गोपाल शरण गर्ग व पूर्व एमएलसी विक्रम रंधावा शामिल थे। उनके साथ हरियाणा के मंत्री कंवरपाल गुर्जर व उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिल अग्रवाल भी लेह पहुंचे थे।सिंधु दर्शन यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुआें के लद्दाख पहुंचने का सिलसिला 22 जून को शुरू हो गया था। पहले दिन रंगारंग कार्यक्रम के बाद 24 जून काे श्रद्धालुओं ने सिंधु घाट में स्नान करने के साथ भारत माता की जय के नारों के बीच घाट पर तिरंगा फहराया था। यात्रा के दौरान रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन आजादी के 75 साल पूरा होने पर मनाए जा रहे आजादी का अमृृत महोत्सव के तहत हुआ। इसमें लद्दाख के उपराज्यपाल आरके माथुर भी शामिल हुए। गत वर्ष कोरोना से उपजे हालात में यात्रा का आयोजन संभव नही हो पाया था। ऐसे में इस बार लद्दाख प्रशासन ने लेह में इस यात्रा को कामयाब बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की थी। पर्यटन विभाग ने अन्य विभागों के साथ मिलकर सभी प्रबंध किए थे। यात्रा की तैयारियों के बीच सिंधु दर्शन यात्रा समिति के सदस्यों ने भी लेह का दौरा किया था। लेह में 26वी सिंधु दर्शन यात्रा 26 जून तक चली।

Edited By: Rahul Sharma