जम्मू, जागरण संवाददाता : संभाग में सबसे बड़े अस्पताल राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में जाने से पहले आपको सैनिटाइज यानी विषाणुरहित बनाया जाएगा। इसके लिए आपको एक टनल से गुजरना होगा। यह सैनिटाइजिंग टनल है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए जम्मू नगर निगम ने शहर में पहली सैनिटाइजिंग टनल स्थापित कर दी है। ऐसे ही दस टनल अगले एक हफ्ते में विभिन्न क्वारंटाइन केंद्रों, रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट में बनाए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग के वित्त आयुक्त अटल ढुल्लू ने इस सैनिटाइजिंग टनल का उद्घाटन करते हुए विश्वास दिलाया कि कोरोना से बचाव के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जम्मू कश्मीर में करीब 50 के टनल बनाने की तैयारी की जा रही है। इस टनल से गुजरते ही व्यक्ति सैनिटाइज हो जाएगा। अस्पताल में आने वाले मरीजों, तीमारदारों, स्टाफ सदस्यों समेत हरेक को इससे गुजरना होगा और वे नि¨श्चत हो जाएंगे। मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने कहा कि एक हफ्ते में हम दस और सैनिटाइजिंग टनल बनाने जा रहे हैं। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन के अलावा सभी क्वारंटाइन केंद्रों में यह टनल बनाए जाएंगे। इस मौके पर डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा, म्यूनिसिपल कमिश्नर अवनी लवासा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

निगम के एक्सईएन हरजीत सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के चलते हमने सामान मिलने में दिक्कत हो रही है। 50 के करीब सैनिटाइजिंग टनल तैयार करने हैं। उन्होंने कहा कि 48 घंटों में हमने टनल का यह डिजाइन तैयार किया। नोजल व अन्य सामान मंगवाया जा रहा है। हफ्ते के अंदर हम दस ऐसे और टनल स्थापित कर देंगे।

मरीजों और स्टाफ में दिखा उत्साह : जीएमसी में काम करने वाले स्टाफ सदस्यों व मरीजों में इस सैनिटाइजिंग टनल के शुरू होने से काफी उत्साह दिखा। नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ और अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ तीमारदार इसकी जरूरत जताते हुए प्रशासन के कदम की सराहना करते दिखे। तीमारदार राजेंद्र शर्मा, भानू गुप्ता ने कहा कि यह बहुत अच्छा कदम है। अस्पताल में बहुत डर लगता है। अब थोड़ी राहत होगी। कम से कम सैनिटाइज होकर ही कोई अंदर आएगा। कोरोना का खतरा कम होगा।

एक हजार लीटर का टैंक और छह नोजल : पांच दिन से टनल तैयार करने में जुटे नगर निगम के इंफारमेटिक ऑफिसर अंकुश कपूर ने बताया कि इस टनल में 32 व 24 एमएम के पाइप, 1000 लीटर का टैंक और 6 मिस्ट नोजल हैं, जिन्हें 18 तक बढ़ाया जा सकता है। एक अलग से शॉवर भी लगाया गया है, जिससे स्ट्रेचर व मरीजों को लाने वाले वाहनों को सैनिटाइज किया जा सकेगा। वाटरप्रूफ बिजली के पैनल लगाए गए हैं। सुरक्षा के लिए स्टील की शीट लगाई गई है। जूतों के सोल को सैनिटाइज करने के भी प्रबंध हैं। रात के समय इसमें एलईडी लगाई गई हैं। इस टनल से गुजरकर सिर से पांव तक व्यक्ति सैनिटाइज हो सकेगा।

कश्मीर में फीवर क्लीनिक स्थापित किया जाएगा: कश्मीर घाटी में ओपीडी सेवा बंद होने से लोगों को हो रही परेशानी से निपटने के लिए प्रशासन ने फीवर क्लीनिक स्थापित करने का फैसला किया है। प्रत्येक फीवर क्लीनिक में चार डॉक्टर व अन्य पैरा मेडिकल कर्मी उपलब्ध रहेंगे। इस बीच, श्रीनगर के विभिन्न हिस्सों में क्वारंटाइन केंद्रों में रखे गए 144 लोगों को सोमवार को घरों में भेज दिया गया। श्रीनगर में क्वारंटाइन प्रक्रिया पूरी करने वाले लोगों की संख्या 1722 हो गई है। मंडलायुक्त कश्मीर पांडुरंग के पोले ने सोमवार को कोविड-19 से पैदा हालात से निपटने की तैयारियों का जायजा लेते हुए फीवर क्लीनिक की स्थापना को हरी झंडी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न जगहों और अस्पतालों में फीवर क्लीनिक बनाए जाएंगे। इनके लिए प्री-फैब्रिकेटिड ढांचों का इस्तेमाल होगा। 

Posted By: Rahul Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस