जम्मू, जेएनएन। केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर प्रदेश के उपराज्यपाल जीसी मूर्मू ने घोषणा की है कि प्रदेश के 34 इलाके जिन्हें रेड जोन घोषित किया गया है, वहां 14 अप्रैल के बाद भी पाबंदियां लागू रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह पाबंदियां किस तरह की होंगी, किन हालातों में लोगों को जाने की अनुमति होगी और किस तरह यहां सोशल डिस्टेंसिंग को लागू किया जा सकता है, इस पर विचार हो रहा है। सभी तय होने के बाद इसकी घोषणा कर दी जाएगी।

मुर्मू ने कहा कि राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमित मामले चिंताजनक है। कोरोना संक्रमित लोग अभी भी सामने आकर अपने स्वास्थ्य की जांच नहीं करवा रहे हैं। जहां तक कई बार अपील करने के बाद भी लोग अपनी ट्रेवल डिस्ट्री छुपा रहे हैं। अभी तक जम्मू-कश्मीर में 1900 ऐसे लोगों की पहचान की जा चुकी है, जो पिछले दिनों नई दिल्ली निजामुद्​दीन में तब्लीगी जमात द्वारा आयोजित मरकज में भाग लेकर यहां लौटे थे। उनकी पहचान मोबाइल नंबर से की गई। वे सहयोग कर रहे हैं। उनकी जांच की जा रही है और उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कोरोना को मात देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 

 उन्होंने यह जानकारी भी दी कि हमारे पास एन95 मास्क 17000, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूवमेंट (PPEs)किट्स 13000 और वेंटिलेटर 200 के करीब हैं। जल्द ही हमारे पास 80000 रेपिड टेस्ट किट्स भी पहुंच जाएंगी। रेड जोन घोषित इलाकों में कोरोना संक्रमण को खत्म करने के लिए ही इन सबको इस्तेमाल में लाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह कोरोना के प्रकोप को जम्मू-कश्मीर से खत्म करने के लिए प्रशासन का सहयोग करें। पाबंदी वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को हर संभव सुविधा मुहैया कराई जाएगी। लोगों को स्वास्थ्य के साथ-साथ हर मूलभूत सुविधा मिले इसके लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं।

सनद रहे कि इस समय जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 188 पहुंच गया है। इनमें से 178 ही कोरोना के सक्रिय मामले हैं, छह लोग ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं जबकि चार की संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है।

Posted By: Rahul Sharma

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