परगल (राजौरी), गगन कोहली : जम्मू कश्मीर में आजादी का जश्न और लहराते तिरंगों से पाकिस्तान और आतंकी सरगनाओं की नींद उड़ी है। पाकिस्तान यह पचा नहीं पा रहा है कि कश्मीर में हर तिरंगा फहरा रहा है। बदलाव की बयार ऐसी है कि जो तत्व आतंकी बनकर पाकिस्तान के छिपे हैं, कश्मीर में उनके स्वजन अपने घरों की छतों पर तिरंगा लगा रहे हैं। आजादी के इस अमृत महोत्सव को देख पाकिस्तान ओर आतंकी इस समय ठीक उसी तरह हताश है जैसा वह अनु'छेद 370 और 35-ए के खत्म होने पर हुआ था।

राजौरी जिले के परगल में भारतीय सेना की कंपनी पोस्ट (सैन्य शिविर) पर बुधवार-वीरवार की रात को जो आत्मघाती हमला हुआ, वह आतंकियों की बौखलाहट की उपज है। इसी सैन्य पोस्ट पर तीन दिन पहले ही आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया था। तिरंगे लहराए गए थे और राष्ट्रगान हुआ था। इस महोत्सव में आसपास के स्कूलों के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया था। आजादी के तराने खूब गाए गए थे।

बच्चों के लिए चित्रकला व हर घर तिरंगा फहराने के लोगों को जागरूक करने के लिए रैली भी निकाली गई थी। इस दौरान भारत माता के जयकारों की गूंज नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान तक पहुंची थी। इससे पाकिस्तान के नेता और आतंकी संगठनों के कमांडरों को मिर्ची लग गई कि उनकी आंखों के सामने यह कैसे हो रहा है। स्थानीय लोग कहते हैं कि सेना की पोस्ट पर आतंकी हमला इसी बौखलाहट का हिस्सा है।

आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम में अजहर हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने भाग लिया था। विद्यार्थियों ने कहा था कि इस कार्यक्रम में भाग लेकर काफी अ'छा लगा। हमें देश की आजादी के प्रति जागरूक करवाया गया। वह बातें बताई गईं जो हमें पता नहीं थी। काफी कुछ सीखा व समझा। कार्यक्रम में भाग लेने पर हमें सेना के अधिकारियों ने सम्मानित भी किया। हमनें घर आकर अपने घरों में लगाने के लिए तिरंगे भी लिए। आज उसी पोस्ट पर आतंकी हमला हो गया है।

बच्चे बोले-पड़ोसी को रास नहीं आ रही हमारी खुशी : स्कूल के एक बच्चे ने कहा कि सूबेदार अंकल हमें बता रहे थे कि किस तरह से तिरंगा लगाना है। उसका कौन सा रंग ऊपर आएगा। हम सभी ने मिलकर भारत माता की जय के घोष किए थे। कुछ अन्य विद्यार्थियों ने कहा कि अभी हम लोग शांति के साथ रह रहे थे, लेकिन यह बात हमारे पड़ोसी को रास नहीं आ रही है। वह हमें खुशी से नहीं रहने दे रहा। 

Edited By: Rahul Sharma