राज्य ब्यूरो, जम्मू : मनरेगा के एक हजार करोड़ रुपये की बकाया राशि जारी न होने के मुद्दे पर पंचायत कांफ्रेंस की भूख हड़ताल शनिवार को चौथे दिन में दाखिल हो गई। इस बीच सांबा जिला के कई सरपंचों और पंचों ने डोगरा चौक पहुंच कर पंचायत कांफ्रेंस का समर्थन किया और सरकार का पुतला जलाया। पंचायत कांफ्रेंस के दो सदस्य अनिल शर्मा और जितेंद्र सिंह अनशन पर बैठे हुए हैं। डॉक्टरों ने दोनों सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच की। अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार का रवैया पंचायतों को लेकर गंभीर नहीं है। मनरेगा के तहत एक हजार करोड़ रुपये की देनदारियां हैं। मनरेगा के तहत दिहाड़ी के पैसे नहीं दिए गए हैं। साल 2014 से यह मामला लटका हुआ है। सांसद पंचायतों की सुध लेने के लिए कदम नहीं उठा रहे हैं। पंचायतों को सशक्त बनाने में सरकार नाकाम है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए मनरेगा की भूमिका अहम रही है। मनरेगा की एक हजार करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। जब तक सरकार कोई प्रभावी कदम नहीं उठाती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस