जम्मू, जागरण संवाददाता। बाजारों में भीड़ कम करने के लिए सरकार की ओर से जारी नई कोविड-19 गाइडलाइंस के तहत रोटेशन के आधार पर सिर्फ 50 फीसद दुकानें ही खोलने के आदेश का वीरवार को कठोरता से पालन करवाया गया।

बुधवार को पहले दिन असमंजस की स्थिति में पुलिस को इस आदेश को लागू करवाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी थी लेकिन वीरवार को शहर के अधिकतर बाजारों में केवल वहीं दुकानें खुली, जिन्हें आज दुकानें खोलने की अनुमति थी। हालांकि वीरवार को पुलिस भी एलर्ट दिखी और पुलिस की फ्लाइंग गाड़ी ने बाजारों में घूम-घूम कर वो दुकानें बंद करवाई जिन्हें आज खोलने की अनुमति नहीं थी।

सरकारी आदेश के अनुसार वीरवार को गरासरी, डिपार्टमेंटल स्टोर व कंफेक्शनरी, बर्तन, क्राकरी, खिलौनों, जूतों-चप्पलों, स्टेशनरी, फोटोस्टेट व संबंधित सामान, आटोमोबाइल्स शोरूम, सर्विस स्टेशन व वेल्डिंग, फर्जीचर शोरूम व स्टोर व होम फर्नीशिंग संबंधित दुकानें तथा वो सभी दुकानें, जो बुधवार को बंद रही थी, वो खुली रही।

इसके अलावा सरकार ने वेयर हाउस समेत सभी थोक मंडियाें, दवाई की दुकानें, लेबोरेटरी व क्लीनिक, सब्जी व फल मंडियाें, दूध-दही, मीट, बेकरी व अन्य खाने-पीने की दुकानें और रेहड़ियाें को सप्ताह भर खुला रखने की इजाजत दी है।

सरकार के इस आदेश को लेकर हालांकि दुकानदारों में रोष है और उनका मानना है कि सरकार के इस फैसले से कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इन दुकानदारों का कहना है कि चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू ने दुकानों का समय सुबह दस बजे से लेकर शाम सात बजे तक करके सहीं कदम उठाया था लेकिन सरकार उस फैसले की अनदेखी करके नया फैसला व्यापारियों पर थोप दिया। इन दुकानदारों का कहना है कि अब उनकी दुकानें तो महीने में केवल 12 दिन खुलेंगी लेकिन किराये व वेतन पूरे महीने के देने पड़ेंगे। 

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