नई दिल्ली, आइएएनएस। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा, वह वास्तव में मानते हैं कि जम्मू-कश्मीर का भविष्य भारत के साथ है। अगर राज्य को आजादी दी गई तो यह अपने बलबूते अस्तित्व भी नहीं बचा पाएगा।

राधा कुमार द्वारा लिखित किताब 'पैराडाइज एट वार- ए पॉलिटिकल हिस्ट्री ऑफ कश्मीर' के विमोचन समारोह में चर्चा के दौरान उमर ने कश्मीरी लोगों की व्यापक स्वायत्तता की मांग को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि इस मामले में कश्मीरी अपने अधिकार के दायरे में है क्योंकि भारतीय संघ में शामिल होने की यह मुख्य शर्त थी।

उन्होंने साफ कहा, 'मुझे इस बात का भरोसा नहीं है कि स्वतंत्र जम्मू-कश्मीर ऐसे माहौल में अपना अस्तित्व बचा सकता है जहां एक तरफ पाकिस्तान है, दूसरी तरफ चीन और एक तरफ भारत है। यह मेरी व्यवहारिक सोच है। यह विश्लेषण और जम्मू-कश्मीर की हकीकत पर आधारित है।' उन्होंने आगे कहा कि कश्मीरी लोगों की आजादी की मांग उनकी भावनाओं पर आधारित है और वह उस पर कोई तर्क-वितर्क नहीं करना चाहते। 

Posted By: Arun Kumar Singh