जम्मू, रोहित जंडियाल। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में कोरोना के मामले भले ही दिनोंदिन बढ़ रहे हों, लेकिन लोगों को इससे न तो डरने की जरूरत है और न ही हिम्मत हारने की। राज्य में जितने भी लोग संक्रमित हुए हैं, उनमें से आधे तो आइसोलेशन वार्ड तक पहुंचते-पहुंचते ठीक हो गए हैं। अधिकतम मरीज गंभीर स्थिति पर नहीं पहुंचे। उन्हें वेंटीलेटर तक की जरूरत नहीं पड़ी। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पूरे जम्मू कश्मीर में अब तक सिर्फ पांच मरीजों को ही वेंटीलेटर की जरूरत पड़ी है। राज्य में वेंटीलेटर की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद जम्मू कश्मीर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन ने 25 और वेंटीलेटर खरीदे हैं। इन्हें मिलाकर अब राज्य में करीब 250 वेंटीलेटर हो गए हैं।

राज्य में शनिवार तक 1569 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। इनमें से 774 लोग ठीक हो चुके हैं। यह संख्या करीब-करीब आधी है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ भी रही है। पूरे प्रदेश में कोरोना वायरस से जिन 21 लोगों की मौत हुई है, उनमें से अधिकतर मरीज कोरोना के अलावा भी दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। किसी को सांस की दिक्कत थी तो किसी को कैंसर था। राज्य के विभिन्न अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक मात्र सात मरीजों को ही वेंटीलेटर की जरूरत पड़ी, जिनमें से पांच को ही वेंटीलेटर पर रखा गया। इनमें चार की मौत हो गई।

जम्मू संभाग में तो मात्र एक ही मरीज को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ी। वह कोविड से तो ठीक हो गया था, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई थी। कश्मीर में छह मरीजों की जरूरत पड़ी है। इनमें से चार को वेंटीलेटर पर रखा गया। दो ने वेंटीलेटर पर रहने से इन्कार कर दिया। बाद में दोनों ठीक हो गए। हालांकि, सरकार ने अपनी ओर से पूरी तैयारी की है। इसलिए 25 और वेंटीलेंटर खरीेद हैं। जम्मू संभाग में इन अस्पतालों में हैं वेंटीलेटर स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू संभाग में अभी तक विभिन्न अस्पतालों में 96 वेंटीलेटर ही थे। सबसे अधिक मेडिकल कॉलेज जम्मू में 24 वेंटीलेटर हैं। जीएमसी जम्मू के 33 बिस्तरों की क्षमता वाले आइसोलेशन वार्ड में यह 24 वेंटीलेटर हैं। श्री महाराजा गुलाब सिंह अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में दो वेंटीलेटर हैं। इस वार्ड में कुल 14 बिस्तरों की क्षमता है। मेडिकल कॉलेज राजौरी में सात वेंटीलेटर हैं। कठुआ मेडिकल कॉलेज में भी सात ही वेंटीलेटर हैं, मगर इनमें पांच ट्रांसपोर्ट वेंटीलेटर हैं। मेडिकल कॉलेज डोडा में चार वेंटीलेटर हैं। सीआरपीएफ अस्पताल बनतालाब में भी चार वेंटीलेटर हैं। यह अस्पताल भी इस समय कोविड अस्पताल बनाया हुआ है। श्री माता वैष्णो देवी नारायणा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पांच, आचार्य श्री चंद्र कालेज ऑफ मेडिकल साइंसेस एड अस्पताल में छह वेंटीलेटर हैं। यही नहीं, जम्मू संभाग के विभिन्न नर्सिंग होम में भी कुल 37 वेंटीलेटर हैं। कश्मीर संभाग में कुल 112 वेंटीलेटर कश्मीर संभाग में 112 वेंटीलेटर हैं। इनमें शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज बेमिना में आठ वेंटीलेटर, जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल में चार वेंटीलेटर, चेस्ट डिजिजेस अस्पताल श्रीनगर में 14 वेंटीलेटर, पुलवामा जिला अस्पताल में दो वेंटीलेटर हैं। गांदरबल में एक, शोपियां जिले में दो, कुपवाड़ा में तीन, सोपोर में पांच, सौरा अस्पताल में 24, श्री महाराजा हरि ¨सह अस्पताल में चार, ललदेद अस्पताल में दो, बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल श्रीनगर में चार, जीबी पंत अस्पताल श्रीनगर में दो, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल श्रीनगर में दो, और अनतंनाग जिला अस्पताल में दो वेंटीलेटर हैं। बारामुला जिले में छह, कुलगाम में एक, बड़गाम में पांच और पट्टन में तीन वेंटीलेटर हैं। कश्मीर के निजी नर्सिंग होम में 21 वेंटीलेटर हैं। बांडीपोरा जिले में एक भी वेंटीलेटर नहीं है। जम्मू को 11 और कश्मीर को 14 वेंटीलेटर मिले जम्मू कश्मीर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक डा. यशपाल शर्मा का कहना है कि पच्चीस और वेंटीनेटर खरीदे गए हैं। इनमें से 11 वेंटीलेटर राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू और 14 वेंटीलेटर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में दिए गए हैं। इससे जम्मू-कश्मीर में गंभीर रूप से बीमार मरीजों की परेशानी कम होगी। -- अस्पताल में सिर्फ एक ही मरीज को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ी है। यह ऊधमपुर से मरीज था। अन्य किसी को जरूरत नहीं पड़ी है। हमारे पास आइसोलेशन वार्ड में चौबीस वेंटीलेटर हैं। डॉ. दारा ¨सह, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसी जम्मू --- अस्पताल में आने वाले कोई भी मरीज अभी तक वेंटीलेटर पर नहीं गया है। जितने भी मरीजों को यहां पर लाया जाता है, अगर उन्हें वेंटीलेटर की जरूरत पड़ती है तो मेडिकल कॉलेज जम्मू में भेजा जाता है, लेकिन उनके अस्पताल में अभी किसी मरीज को वेंटीलेटर की जरूरत नहीं पड़ी है। डॉ. राजेश्वर शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, सीडी अस्पताल जम्मू --- अस्पताल में सिर्फ एक ही मरीज को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ी है। हमारे पास पर्याप्त संख्या में वेंटीलेटर हैं। कोविड 19 के मरीजों के लिए अलग से वेंटीलेटर रखे गए हैं। डॉ. फारूक जान, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल सांइसेस सौरा --- अस्पताल में हमने कोविड के मरीजों के लिए अलग से ब्लॉक बनाया है। इसमें सोलह बिस्तरों की क्षमता है। अगर कोई पाजिटिव आता है तो उसे सीडी अस्पताल श्रीनगर में भेज दिया जाता है। यहां पर किसी भी मरीज को वेंटीलेटर की जरूरत नहीं पड़ी है। डॉ. नजीर चौधरी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एसएमएचएस अस्पताल श्रीनगर --- अस्पताल में अभी तक आए मरीजों में से पांच को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ी, लेकिन उनमें से तीन को ही वेंटीलेटर पर रखा गया। इन तीन में दो की मौत हो गई। अन्य किसी भी मरीज को वेंटीलेटर पर रखने की जरूरत नहीं पड़ी है। डॉ. नवीद शाह, एचओडी सीडी अस्पताल श्रीनगर।