विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिचौलियों का खेल खत्म, 72 घंटे में खाते में आएगा पैसा; जम्मू, कठुआ और सांबा में धान खरीद के लिए 27 मंडियां शुरू

Published: Sat, 31 Oct 2026 06:54 PM (IST)

जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में 27 विशेष धान खरीद मंडियां स्थापित की गई हैं, जिससे किसानों को बिचौलियों से ...और पढ़ें

किसानों को धान का मिलेगा 2441 रुपये भाव। (फाइल फोटो)

किसानों को धान का मिलेगा 2441 रुपये भाव। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जम्मू में 27 विशेष धान खरीद केंद्र स्थापित।

  2. किसानों को बिचौलियों से मुक्ति, सीधा भुगतान।

  3. धान खरीद लक्ष्य बढ़कर 60,000 मीट्रिक टन।

जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू संभाग के किसानों को उनकी धान की फसल का सही दाम दिलाने और बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए कृषि विभाग ने एक बड़ी पहल की है। खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के तहत कृषि विभाग ने जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में 27 विशेष धान खरीद मंडियां स्थापित की हैं। भारतीय खाद्य निगम के सहयोग से शुरू की गई इस खरीद प्रक्रिया से अब किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर के बाजार के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं।

ज्वाइंट डायरेक्टर फार्मस अमन ज्योति शर्मा ने बताया कि कृषि विभाग और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) के समन्वय से खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कृषि विभाग के अनुसार, कठुआ जिले में 13, जम्मू जिले में 12 और सांबा जिले में 2 धान खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।

कठुआ जिले के 13 स्थानों पर बनाए गए खरीद केंद्र

कठुआ जिले में बड़वाल, जखभर, मडीन, सांझी मोड़, छन्न अरोडियां, पल्ली मोड़, नगरी परोल, दुंगारा-मंडली, कीड़ियां, मुकंदपुर, ऐरवां, धन्नी-भगता और मीरपुर राम में खरीद केंद्र बनाए गए हैं।

वहीं जम्मू जिले में सुहांजना, गजंसू, चानू चक, परगवाल, बिश्नाह, गुड़ा मनासा, ज्यौड़ियां, मढ़, भदरोड़, अरनिया, खौड़-मट्टू और उदयवाला में मंडियां स्थापित की गई हैं। सांबा जिले में रामगढ़ और राजपुरा में खरीद केंद्र कार्यरत हैं।

धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल

सरकार की ओर से खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए सामान्य किस्म के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का मूल्य 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। खरीद प्रक्रिया के तहत किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भुगतान उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, भुगतान 72 घंटे के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है। 27 खरीद केंद्रों पर जारी है खरीद प्रक्रिया कृषि विभाग और एफसीआइ की ओर से मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।

इनमें धान की सफाई, बोरियों की उपलब्धता, मजदूरों की व्यवस्था और खरीद प्रक्रिया की निगरानी शामिल है। खरीद केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था भी लागू की गई है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

धान खरीद का लक्ष्य 36 हजार से बढ़कर 60 हजार मीट्रिक टन

धान खरीद का लक्ष्य बढ़कर 60 हजार मीट्रिक टन जम्मू संभाग के किसानों के लिए एक और राहत की बात यह है कि केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के लिए धान खरीद का लक्ष्य 36 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 60 हजार मीट्रिक टन कर दिया है। इससे जम्मू, कठुआ और सांबा के धान उत्पादकों को अपनी फसल सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने का अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।

किसानों के खाते सीधा आ रहा पैसा

गांव गंगू चक्क के किसान डा. कमल शर्मा के कहा कि खरीद केंद्र बना कर सरकार बहुत अच्छा कार्य कर रही है। इससे किसानों को अनाज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही और किसानों के खाते में सीधा पैसा आ रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर खरीद केंद्र होने चाहिए।

इससे किसानों को टै्रक्टर ट्राली खर्चा भी बचेगा और उनका समय भी इससे बच जाएगा। इससे सरकार को हर पंचायत की प्रोडक्शन का भी पता चलेगा और किसान को काफी लाभ होगा।कृषि विभाग के इन प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद जगी है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।