राज्य ब्यूरो, जम्मू : स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तायुक्त अटल डुल्लु ने कहा कि सभी डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मी निर्धारित रोस्टर के मुताबिक अपने अपने वार्ड में नियमित अंतराल पर जाएं और रोगियों के लिए हमेशा उपलब्ध रहें। चिकित्सा प्रोटोकाल में किसी भी तरह की लापरवाही पर संबधित स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तायुक्त अटल डुल्लु ने वीरवार को जम्मू संभाग के अस्पतालों में उपचार के दौरान मरीजों की मौत से बचने के लिए किए गए प्रबंधों का एक उच्च स्तरीय बैठक में जायजा लिया। इस मौके पर प्रिसिपल जीएमसी के अलावा मेडिसन विभागाध्यक्ष, एनेस्थेसिया विभागाध्यक्ष, छाती रोग विभागाध्यक्ष व अन्य संबधित स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया।

वित्तायुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा और इसके बिना उपलब्ध आइसोलेशन बिस्तरों , वेंटीलेटर, डॉक्टरों व पैरामेडिकल कर्मियों की संख्या और वार्डो में डॉक्टरों द्वारा मरीजों के बारे में पता किए जाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारियां हासिल कर संबंधित मुददों पर विचार विमर्श किया। उन्होंने आपात व अन्य मामलों से निपटने की तैयारियों का भी जायजा लिया।

उन्होंने कोविड-19 व गैर कोविड मरीजों को अलग अलग वार्डो में भर्ती किए जाने के आदेश पर सख्ती से अमल का निर्देश देते हुए कहा कि इससे इन मरीजों के निर्विघ्न उपचार में मदद मिलेगी। इसके अलावा ऑक्सीजन की आपूर्ति को निरंतर बनाया जाए।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि मौत अटल है,इससे बचा नहंीं जा सकता। लेकिन अस्पताल में अगर चिकित्सा सुविधाओं के अभाव या डॉक्टरों की लापरवाही से मौत होती है तो वह अक्षम्य है। इसलिए किसी भी रोगी की अनावश्यक मौत न हो, इसे हर हाल में सुनिश्चित बनाया जाए।

गौरतलब है कि गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल जम्मू और इससे संबंधित अस्पतालों में बीते दिनों अचानक ही उपचार के दौरान मरीजों की मौत के मामले बढ़े हैं। इन्हें लेकर स्वास्थ्य विभाग के कामकाज पर भी सवाल उठे हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम ने भी इन घटनाओं का कड़ा संज्ञान लिया है।

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