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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jammu Kashmir Election: 'मैं लड़ना नहीं चाहता, लेकिन दबाव बहुत है', चुनाव से पहले असमंजस में उमर अब्दुल्ला

Published: Sun, 18 Aug 2024 01:00 PM (IST)Updated: Sun, 18 Aug 2024 01:02 PM (IST)

जम्मू कश्मीर में 90 विधानसभा सीटों के लिए तीन चरणों में चुनाव होगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ...और पढ़ें

उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा चुनाव लड़ने का दिया संकेत (फाइल फोटो)
उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा चुनाव लड़ने का दिया संकेत (फाइल फोटो)

HighLights

  1. संसदीय बोर्ड की बैठक में तय होगा मुख्यमंत्री पद का चेहरा।
  2. पार्टी ने उमर से चुनाव न लड़ने के अपने फैसले पर पुनर्विचार का किया आग्रह।
  3. 20 अगस्त को जारी होगी नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। विधानसभा चुनाव न लड़ने का एलान कर चुके उमर अब्दुल्ला का असमंजस बढ़ता जा रहा है। पार्टी में दबाव बढ़ रहा है कि वह चुनाव मैदान में उतरें। पार्टी ने अभी मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला सोमवार तक लंबित रखा है।

पार्टी के सूत्र बताते हैं कि बढ़ता दबाव और फारूक अब्दुल्ला के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए उमर को अपने फैसले टिके रहना सरल नही है। इस वजह से नेकां में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि फारूक स्वयं चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।

संसदीय बोर्ड तय करेगा सीएम फेस

इस बीच, पार्टी के अतिरिक्त महासचिव अजय सडोत्रा ने कहा कि नेकां एक संगठन के रूप में अपने राजनीतिक एजेंडे के आधार पर चुनाव लड़ती और जीतती है। आगामी विधानसभा चुनाव में कौन हमारा मुख्यमंत्री पद का दावेदार होगा।

यह पार्टी का संसदीय बोर्ड सोमवार को होने वाली बैठक में तय करेगा। इसी बैठक के बाद उमर भी चुनाव लड़ने या न लड़ने पर अपना अंतिम निर्णय सुना सकते हैं।

उमर अब्दुल्ला ने किया है चुनाव न लड़ने का एलान

बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने कई बार कहा है कि वह जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने तक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। मैं उस विधानसभा का सदस्य और नेता रहा हूं जिसके पास कानून बनाने का हर अधिकार था। मौजूदा परिस्थितियों में जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री को हर कार्य के लिए उपराज्यपाल के दरवाजे पर जाना है। यह मेरे लिए संभव नहीं है।

फारूक के स्वास्थ्य को देखते हुए फिलहाल नेकां में कोई दूसरा ऐसा नेता नजर नहीं आ रहा है जो चुनाव के बाद किसी अन्य दल के साथ गठबंधन की स्थिति में नेकां के हितों को सुरक्षित बनाते हुए आगे बढ़ सरकार चला सके।

अजय सडोत्रा ने कहा ये बात

नेकां के अतिरिक्त महासचिव अजय सडोत्रा ने यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि पार्टी ने उमर से चुनाव न लड़ने के अपने फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह किया है। हमें उम्मीद है कि वह पार्टीजनों की भावनाओं का सम्मान करेंगे और चुनाव लड़ेंगे। रही बात मुख्यमंत्री पद के दावेदार की तो हमारी पार्टी में ऐसे चेहरों की कमी नही है, लेकिन अंतिम निर्णय संसदीय बोर्ड का ही होगा।

उन्होंने कहा कि हम अपने प्रत्याशियों की पहली सूची 20 अगस्त को जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले या बाद में किसी दल के साथ गठबंधन करना या न करना,यह निर्णय हमारा बोर्ड ही लेगा।

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उमर ने चुनाव न लड़ने के फैसले पर पुनर्विचार का दिया संकेत

उमर अब्दुल्ला ने भी चुनाव न लड़ने के फैसले पर पुनर्विचार का संकेत देते हुए कहा कि मुझ पर चुनाव लड़ने के लिए संगठन की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मैं चुनाव नहीं लड़ना चाहता, लेकिन दबाव बहुत है।

उन्होंने कहा कि इस विषय में अगले दो दिनों में अंतिम निर्णय ले सकता हूं। मेरे पिता डॉ. फारूक अब्दुल्ला की आयु और स्वास्थ्य के कारण संगठन में सभी नेता व कार्यकर्ता चाहते हैं कि मैं खुद चुनावी मैदान में उतर करपार्टी का नेतृत्व करूं।

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