जम्मू, जेएनएन। कठुआ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में पीड़ित पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील मुबीन फारूकी के खिलाफ हाल ही में उनके पैतृक गांव मलेरकोटला में किसी के घर पर हमला करने का मामला दर्ज हुआ है। हालांकि मुबीन इस मामले को राजनीति से प्रेरित बता अपने बचाव में कह रहे हैं कि उन्हें स्थानीय राजनीतिज्ञ द्वारा जानबूझकर तंग किया जा रहा है। पुलिस में एफआइआर दर्ज होने के बाद वकील मुबीन ने यह बयान भी दिया था कि शिकायकर्ता द्वारा पुलिस में मामला दर्ज करने पहले वह स्वयं शिकायकर्ता के खिलाफ उसी थाने में दो बार शिकायत कर चुके हैं परंतु पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

कठुआ रसाना मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से केस लड़ रहे मुबीन फारूक के हक में आज अपने ट्वीटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने वकील मुबीन पर दबाव बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। महबूबा ने कहा कि मुबीन के खिलाफ दर्ज एफआइआर का कोई आधार नहीं है। यह सब उन पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इसी ट्वीट के माध्यम से पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टर अमरिंदर सिंह से अनुरोध किया है कि वह स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें। महबूबा ने कहा कि यदि इंसाफ के लड़ने वालों को इसी तरह सजा मिलेगी तो भविष्य में कोई भी न्याय के लिए लड़ने को तैयार नहीं होगा।

दरअसल पंजाब के मलेरकोटला में रहने वाले वकील मुबीन फारूकी पर गत माह आईपीसी की धारा 458 के तहत मामला दर्ज हुआ। शिकायत में कहा गया है कि मुबीन ने रात में किसी के घर पर हमला किया। हालांकि अपने बचाव में मुबीन ने कहा कि यह उन पर झूठा आरोप लगाया गया है। उन्होंने अपने तर्क में यह भी कहा कि उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने वाला स्थानीय राजनीतिज्ञ है। उन्होंने शिकायतकर्ता पर यह आरोप भी लगाए कि वह कुछ अन्य लोगों के साथ पिछले कई दिनों से मारने की धमकी भी दे रहा था।

यही नहीं वह इस संबंध में यह एफआइआर दर्ज होने से पहले शिकायतकर्ता के खिलाफ उसी थाने में दो शिकायतें दर्ज भी करा चुके हैं। राजनीतिक प्रभाव होने के कारण पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। यही नहीं पुलिस ने मेरा बयान भी दर्ज नहीं किया। पुलिस ने सिर्फ शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया और उसकी प्राथमिकी दर्ज की। वकील ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी के घर पर हमला नहीं किया।

मुबीन ने दावा किया कि उनकी सच्चाई को साबित करने के लिए उनके पास सभी सबूत भी हैं जो उन्होंने पुलिस स्टेशन और एसएसपी को सौंप दिए हैं। हद तो यह है कि इसके बाद भी पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

Posted By: Rahul Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस