जम्मू, राज्य ब्यूरो। रमजान माह में एक तरफा संघर्ष विराम की मांग मानने पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री राजनाथ सिंह का आभार जताया। मैं रमजान महीने में संघर्ष विराम का तहे दिल से स्वागत करती हूं। ऐसा प्रधानमंत्री व गृहमंत्री का हस्तक्षेप करने से ही संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को ऐसा ट्वीटर पर लिखा है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि मैं सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने वाले उन नेताओं का भी आभार जताती हूं जिन्होंने इस मुद्दे पर सर्व सहमति बनाने में सहयोग दिया था।

भाजपा ने किया था विरोध

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने नौ मई को श्रीनगर में सर्वदलीय बैठक कर केंद्र सरकार से अपील की थी कि हालात बेहतरी के लिए रमजान महीने में संघर्ष विराम किया जाए। यह बैठक कश्मीर में पत्थबाजी में चेन्नई के पर्यटक की मौत के बाद बुलाई गई थी। महबूबा की कश्मीर केंद्रित यह पेशकश सहयोगी प्रदेश भाजपा को मंजूर नहीं थी। प्रदेश भाजपा इसके खिलाफ खुलकर मैदान में आ गई थी।

वर्ष 2000 में पांच माह तक रुके थे आतंकरोधी अभियान

यह दूसरी बार है जब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में रमजान महीने में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई रोकने का फैसला किया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नवंबर 2000 में भी संघर्ष विराम की घोषणा की थी। यह संघर्ष विराम करीब पांच महीने तक चला था। अब करीब अठारह साल के अरसे के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने फैसला किया है।

संघर्ष विराम पर प्रतिक्रिया

यह निर्णय राज्य में शांति बहाल करने का एक लंबा रास्ता तय करेगा। सभी शांति प्रिय बल केंद्र द्वारा प्रदान किए अवसर का लाभ उठाएंगे। जम्मू कश्मीर में स्थायी शांति बनाए रखने में मदद करेंगे जो कि राज्य के सम्पूर्ण विकास के लिए जरूरी है।

डॉ. फारूक अब्दुल्ला, नेशनल कांफ्रेंस के प्रधान व सांसद

शांति बहाली के प्रयास तो ठीक हैं लेकिन यह सुनिश्चित बनाया जाए कि सभी प्रयासों सफल हो ताकि कोई इसमें खलल डालकर माहौल को खराब न करें। कांग्रेस ने कभी शांति प्रक्रिया में रोड़े अटकाने की कोशिशें नहीं की लेकिन केंद्र व राज्य में भाजपा का हमेशा ही ऐसा चेहरा सामने आया है।

कविंद्र गुप्ता

कविंद्र गुप्ता, उपमुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर-रमजान पर केंद्र सरकार के एकतरफा संघर्ष विराम के फैसले से अटल बिहारी वाजपेयी के दौर की याद आ गई है जब उन्होंने ऐसे ही घोषणा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री राजनाथ सिंह को बधाई देता हूं। 

संघर्ष विराम बड़ा कदम, अटल के दौर की याद आई 

नेशनल कांफ्रेंस के प्रधान व सांसद फारूक अब्दुल्ला ने रमजान पर केंद्र सरकार के एकतरफा संघर्ष विराम को बहुत बड़ा कदम करार दिया है। फारूक ने कहा कि इस फैसले से अटल बिहारी वाजपेयी के दौर की याद आ गई है जब उन्होंने ऐसे ही संघर्ष विराम की घोषणा की थी। फारूक ने संघर्ष विराम के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी।

दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अब आतंकवादी सामने नहीं आए तो साबित हो जाएगा कि वे लोगों के असली दुश्मन हैं। उमर अब्दुल्ला ने ऐसा बुधवार को सोशल साइट ट्वीटर पर लिखा है। उमर का कहना है कि वाजपेयी-आडवाणी के समय इसे नान इनिसिएशन ऑफ कांबेट ऑपरेशन (नीको) कहा जाता था, अब भी यह एक तरफा संघर्ष विराम ही है।

वहीं, महबूबा मुफ्ती के सर्वदलीय बैठक में सभी पार्टियों और उनके नेताओं का इस मुद्दे पर सहमति बनाने संबंधी ट्वीट पर उमर ने स्पष्ट किया है कि सहयोगी पार्टी भाजपा ने इसका विरोध किया था। 

By Preeti jha