जम्मू, जागरण संवाददाता। दीवाली व अन्य त्योहारों के दौरान अक्सर ट्रेन में सफर के लिए यात्र टिकट आरक्षण हासिल करने को लेकर यात्रियों में मारामारी देखी जाती है। ऐसे में कुछ लोग फर्जी एजेंट बन कर यात्रियों को आरक्षित रेल टिकट दिलवाने के नाम पर ठगने का काम करते हैं। फर्जी एजेंट कन्फर्म टिकट देने का भरोसा देकर लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं। रिजर्वेशन सेंटर पर ये लोग खुद को टिकट लेने वाले की तरह पेश करते हुए दलाली कर रहे हैं। इसके अलावा साइबर कैफे में बैठे कुछ लोग टिकट कंफर्म देने का सौदा कर बाद में यात्रियों को प्रतीक्षा सूची वाली टिकट थमा देते है। फर्जी एजेंट पुरानी यात्री टिकटों से छेड़छाड़ कर उन यात्रियों को थमा देते है जो बिना जांचे परखे एजेंटों से टिकट ले लेते हैं ।

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के पोस्ट कमांडेंट मुंशी राम का कहना है कि त्योहारों के दौरान टिकट आरक्षण के लिए यात्रियों की भीड़ को देखते हुए सादा कपड़ों में विशेष दस्ते का गठन किया गया। विशेष दस्ते के जवानों का काम रेलवे स्टेशन परिसर व उसके आसपास घूम कर उन लोगों की पहचान करना है जो खुद को एजेंट बता कर यात्र टिकट बेचने के नाम पर लोगों को ठगने का काम करते हैं। चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर ओम कुमार का कहना है कि टिकट बुक करवाने के लिए आने वाले लोगों को एजेंटों से बचने के प्रति जागरूक किया जाता है। नकली टिकट बेचने के रैकेट त्योहारों के दिनों में सक्रिय हो जाते हैं। वर्ष 2018 में आरपीएफ ने ऐसे एक गिरोह को पकड़ा था।

ऐसे पहचानें फर्जी टिकट

टिकट पर अंकित अक्षरों के साइज असमान दिखेंगे। कई बार स्टेशन और राशि सही से अंकित नहीं रहती। तिथि की साइज भी सामान्य से बड़ी रहती है। टिकट साफ नहीं दिखता।

ऐसे पहचानें असली टिकट

स्टेशन और राशि साफ-साफ और सीधी रहती है। तिथि की साइज एक समान ही नजर आती है। पूरा टिकट साफ और स्पष्ट नजर आता है। 

Posted By: Rahul Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप